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सिक्किम में अचानक आई बाढ़: 14 की मौत, 42 सैनिकों में से 22 सैनिक अब भी लापता

नई दिल्ली: सिक्किम सरकार ने बुधवार को पुष्टि की कि सिक्किम में बुधवार तड़के आई बाढ़ से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। 14 मृतकों में सभी नागरिक हैं जबकि 102 लोग अभी भी लापता हैं।   उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर बादल फटने से तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई।  22 सैन्यकर्मी समेत करीब 102 लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि सुबह लापता हो गए सेना के 23 जवानों में से एक को बाद में बचा लिया गया।

14 पुल ढह गए
अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम में रात करीब डेढ़ बजे शुरू हुई बाढ़ की स्थिति चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण और बदतर हो गई। सिक्किम के मुख्य सचिव वी बी पाठक ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए 3,000 से अधिक पर्यटकों के राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे होने की सूचना है। पाठक ने कहा कि चुंगथांग में तीस्ता चरण तीन बांध में कार्यरत कई कर्मचारी भी फंसे हुए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि बाढ़ के कारण सड़क बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ है क्योंकि 14 पुल ढह गए हैं, जिनमें से नौ सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन हैं और पांच राज्य सरकार के हैं।

 अब तक करीब 166 लोगों को बचाया गया
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अब तक करीब 166 लोगों को बचाया गया है, जिनमें सेना का एक जवान भी शामिल है। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा, “बचाए गए सैनिक की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है।” अधिकारियों ने बताया कि बचाव कर्मियों ने सिंगताम के गोलिटार में तीस्ता नदी के बाढ़ क्षेत्र से कई शव निकाले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पी एस तमांग से बात की और राज्य में अचानक आयी बाढ़ से उपजे हालात की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।

मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सिक्किम के मुख्यमंत्री पी एस तमांग से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृतिक आपदा से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की। चुनौतियों का सामना करने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मैं सभी प्रभावितों की सुरक्षा और कुशलता की प्रार्थना करता हूं।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सेना के लापता जवानों की सलामती के लिए प्रार्थना की। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने सिक्किम की स्थिति की समीक्षा की और पर्यटकों और सुरंग में फंसे लोगों को निकालने पर जोर दिया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए सिक्किम के मुख्य सचिव ने एनसीएमसी को राज्य की ताजा स्थिति के बारे में जानकारी दी। विज्ञप्ति के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियों और सिक्किम सरकार के राहत और बचाव उपायों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव ने कहा कि चुंगथांग बांध की सुरंग में फंसे लोगों और पर्यटकों को निकालने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

गौबा ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की अतिरिक्त टीम तैनात की जानी चाहिए और जल्द से जल्द सड़क, दूरसंचार और बिजली आपूर्ति बहाल की जानी चाहिए। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कैबिनेट सचिव ने सिक्किम सरकार को आश्वासन दिया कि सभी केंद्रीय एजेंसियां तैयार हैं और सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी। केंद्रीय सचिव ने समिति को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा उच्चतम स्तर पर लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और हर संभव मदद दी जा रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने पहले ही तीन टीम तैनात कर दी हैं और अतिरिक्त टीम गुवाहाटी और पटना में तैयार हैं। सिक्किम सरकार ने एक अधिसूचना में इसे आपदा घोषित कर दिया है। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण झील में जलस्तर अचानक 15 से 20 फुट तक बढ़ गया।

बंगाल में तैनात भारतीय सेना के अन्य सभी जवान सुरक्षित
उन्होंने बताया, ‘‘सेना के 22 जवानों के लापता होने की सूचना है और 41 वाहन कीचड़ में धंसे हुए हैं।” एक रक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘सिक्किम और उत्तरी बंगाल में तैनात भारतीय सेना के अन्य सभी जवान सुरक्षित हैं, लेकिन मोबाइल संचार बाधित होने के कारण वे अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने में असमर्थ हैं।” एक अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य की राजधानी गंगटोक से 30 किलोमीटर दूर सिंगताम में स्टील से बना एक पुल बुधवार तड़के तीस्ता नदी के पानी में पूरी तरह से बह गया। इस पुल को इंद्रेणी पुल के नाम से भी जाना जाता है।”

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के मुताबिक, बुधवार दोपहर एक बजे तीस्ता नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे था और इसके आसपास बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि तीन जगहों-मेल्ली, सिंगताम और रोहतक पर तीस्ता का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन इसके करीब बना हुआ है। गंगटोक से सिंगताम की ओर ट्रैकिंग के लिए निकले कोलकाता के पर्यटक राजीव भट्टाचार्य (25) ने फोन पर बताया, ‘‘हमने घाटी में तेज गति से पानी की एक विशाल लहर को आते देखा… सौभाग्य से, मैं और मेरे दोस्त ऊंची जगह पर थे और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए। अब हम वापस गंगटोक जा रहे हैं।”

उत्तर बंगाल और बांग्लादेश के लिए बाढ़ की चेतावनी 
नदी में उफान के कारण तीस्ता नदी घाटी क्षेत्र में स्थित डिक्चु, सिंगताम और रंगपो समेत कई कस्बों में भी बाढ़ आ गई है। शिक्षा विभाग ने एक परिपत्र में कहा कि मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिलों में स्थित सभी स्कूल आठ अक्टूबर तक बंद रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि सिक्किम और देश के बाकी हिस्सों के बीच मुख्य संपर्क राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के कुछ हिस्से बह गए। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल और बांग्लादेश के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जहां से तीस्ता नदी बहती है।

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