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CAA के खिलाफ केरल सरकार ने छपवाया विज्ञापन, राज्यपाल बोले- जनता के पैसे की बर्बादी

तिरुअनंतपुरम। केरल के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान (Governor Arif Mohammed Khan) ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ राज्य की माकपा नीत एलडीएफ (LDF) सरकार के विज्ञापनों को पूरी तरह से अवांछनीय बताया है। राज्यपाल ने कहा है कि राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी पैसे से विज्ञापन निकलवाना गलत है।

राज्य सरकार प्रायोजित ये विज्ञापन शुक्रवार को तीन राष्ट्रीय अखबारों में मुख्य पृष्ठ पर प्रकाशित हुए थे। इन विज्ञापनों में कहा गया है कि राज्य सरकार संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे बढ़कर प्रयास कर रही है और राज्य विधानसभा देश की पहली विधानसभा है जिसने सीएए के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया है।

सरकारी पैसे से विज्ञापन हैरान करने वाला

दिल्ली में आरिफ मुहम्मद खान ने टीवी चैनलों से बातचीत में कहा कि संसद द्वारा पास कानून के खिलाफ सरकारी पैसे से विज्ञापन देना, हैरान करने वाला है। अगर यह विज्ञापन किसी राजनीतिक दल की तरफ से दिया गया होता तो कोई समस्या नहीं थी।

लोगों का डर दूर करने के लिए विज्ञापन

विज्ञापनों में केरल सरकार ने कहा है कि लोगों के डर को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने साहसिक पहल की है और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के काम को रोक दिया है, जिससे आखिरकार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का रास्ता बनता।

पहले भी दिया था विज्ञापन

बता दें कि पी. विजयन सरकार ने भाजपा के राजनीतिक हत्याओं के आरोपों पर सात अगस्त, 2017 को भी राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन दिया था। जिसमें दावा किया गया था कि केरल में अपराध की दर कम है।

आमने सामने राज्यपाल और पिनाराई विजयन

इससे परले भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनाराई विजयन आमने सामने आ चुके हैं। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल विधानसभा में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पास करने को गलत और असंवैधानिक बताया था।   

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