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धार्मिक

स्वामी विवेकानंद जयंती आज, यहां पढ़ें प्रेरणा देने वाले उनके कुछ अनमोल वचन

इंदौर। देशभर में आज राष्ट्रीय युवा दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 12 जनवरी को हर साल National Youth Day स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। स्वामी विवेकानंद अपने आदर्श विचारों के कारण भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को आज भी राह दिखाते हैं। कम उम्र स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों से दुनिया को प्रभावित किया था। यहां National Youth Day पर स्वामी विवेकानंद के कुछ अनमोल वचनों को जरूर पढ़ें और इससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन को आसान बना सकते हैं।

  • ब्रह्माण्ड की सभी शक्तियां पहले से हमारी हैं, लेकिन अज्ञानतावश हम आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोने लगते हैं कि दुनिया में कितना अंधकार है।
  • पूरी दुनिया एक विशाल व्यायामशाला है, जहां हर व्यक्ति खुद को मजबूत बनाने के लिए आता है।
  • दिल और दिमाग में लगातार टकराव हो रहा है तो हमेशा दिल की बात सुनना चाहिए।
  • शक्ति ही जीवन का पर्याय है, वहीं दुर्बलता मौत के समान होती है। विस्तार का नाम ही जीवन है, संकुचन मृत्यु हैं। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु हैं।
  • उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक आपको अपने लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।
  • खुद को कमजोर और असहाय समझना ही सबसे बड़ा पाप है। स्वयं को मजबूत बनाएं।
  • किसी भी व्यक्ति को कोई ज्ञानी या आध्यात्मिक नहीं बना सकता है। व्यक्ति को अपने अंदर से ही प्रेरित होना पड़ेगा। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नहीं होता है।
  • सत्य को हजारों से तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।
  • बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप हैं। व्यक्ति के अपने स्वभाव के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए।
  • जब आपके सामने कोई समस्या नहीं आए तो आप यह सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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