ब्रेकिंग
Operation Sankalp to Urja Suraksha: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारतीय नौसेना का सबसे खतरनाक और बड़ा रेस... Delhi Terror Plot: पाकिस्तान से रची जा रही दिल्ली दहलाने की साजिश; ISI समर्थित TTH मॉड्यूल के 8 आतंक... Manipur Encounter: भारतीय सेना और असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई; चुराचांदपुर में UKNA उग्रवादी ढेर India-USA Relations: गृह मंत्री अमित शाह और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बैठक; आतंकवाद और ड्रग्स तस... NEET Paper Leak News: 'पेपर लीक रोकने के उपाय या कॉमेडी सर्कस?' नीट विवाद पर केजरीवाल का केंद्र सरका... Doctor Kills Domestic Help: दिल्ली के पॉश इलाके में सनसनी; डॉक्टर के घर काम करने वाली महिला की हत्या... Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे की बैठक से 6 सांसद नदारद; क्या टूटने वाली है शिवसेना UBT? जानें का... Bihar Heli Tourism: पटना से अब राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर तक होगी हवाई यात्रा; जानें किराया और पर्... Ranchi Police Encounter: आरएसएस कार्यालय हमला केस का मुख्य आरोपी घायल; हथियार छीनकर भागने की कोशिश म... MP Archaeological Survey: पुजारी के निजी संग्रह से मिला झांसी रियासत का बैज और दुर्लभ सामूहिक चित्र;...
देश

मोदी सरकार को एक और झटका, IMF के बाद फिच ने भी घटाया GDP ग्रोथ अनुमान

भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार छठी तिमाही में सुस्ती बरकरार रहने वाली है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के बाद अब रेटिंग एजेंसी फिच ने भी इस वित्त वर्ष यानी 2020-21 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सिर्फ 5.5 फीसदी बढ़त होने का अनुमान लगाया है।  हालांकि यह IMF के 4.8 और भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के 5 फीसदी के अनुमान से काफी ज्यादा है।

फिच के मुताबिक इस समय कंपनियों और उपभोक्ताओं का आत्म विश्वास कम हो रहा है। फिच का अनुमान है कि साथ 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि 5.6 फीसदी और 2021-22 में 6.5 फीसदी तक जा सकती है। इससे पहले सरकार के अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती को दूर करने के तमाम प्रयासों के बीच फिच ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर के 4.6 फीसदी रहने की संभावना जताई थी।

बता दें कि यह लगातार छठी तिमाही है जब जीडीपी में सुस्ती दर्ज की गई है। इससे पहले जनवरी-मार्च, 2013 तिमाही में जीडीपी विकास दर 4.3 फीसदी रही थी, वहीं एक साल पहले की समान अवधि यानी जुलाई-सितंबर, 2018 तिमाही में यह सात फीसदी रही थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर पांच फीसदी रही थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button