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NGT पैनल ने 15 औद्योगिक इकाइयों पर लगाया 4 करोड़ का जुर्माना

नई दिल्लीः राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा घग्गर नदी में प्रदूषण की जांच के लिए गठित एक पैनल ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की 15 औद्योगिक इकाइयों पर 4.15 करोड़ का जुर्माना लगाया है। 8 जनवरी को NGT को सौंपी गई अपनी चौथी कार्यकारी समिति की रिपोर्ट में, न्यायमूर्ति प्रीतम पाल की अध्यक्षता वाले पैनल ने उद्योगों के निरीक्षण की आवृत्ति बढ़ाने के लिए संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदूषण नियंत्रण निकायों को निर्देश दिया। इसने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नदी के खंडों से ठोस अपशिष्ट हटाने के लिए भी कहा है।

एनजीटी ने रेलवे इंजनों से होने वाले प्रदूषण पर सीपीसीबी से रिपोर्ट मांगी
इससे पहले एनजीटी ने बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से कहा कि वह रेलवे के लिए इंजनों के मानकों की गणना के दिशानिर्देश संबंधित उसके आदेश की अनुपालन रिपोर्ट पेश करे। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने शीर्ष प्रदूषण नियंत्रण इकाई को एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। पीठ ने कहा, “रेलवे द्वारा इंजनों के संचालन से होने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिया गया था कि इंजन के मानकों को दर्शाने वाले दिशा-निर्देश सीपीसीबी की वेबसाइट पर डाले जाने चाहिए और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, सीपीसीबी समेत सभी पक्षकारों द्वारा रेल इंजनों के लिये मानक तय करने के लिये अध्ययन कर अंतिम मानकों को मंजूरी देने तथा इसे अधिसूचित करने के काम तेजी से करने का प्रयास करना चाहिए।”

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