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गाजा में खाने की लाइन में खड़े लोगों के सिर पर ही गिरे राहत पार्सल, पांच की मौत, कई घायल

इजराइली प्रतिबंधों के बीच गाजा में मानवीय राहत पहुंचाने की समस्या कितनी बड़ी है वो एक बार फिर से उजागर हो गई है. दरअसल राहत सामाग्री पहुंचाने के लिए मजबूरन कई देश विमान का सहारा ले रहे हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को विमान का पैराशूट समय से खुल नहीं पाया. जिससे राहत सामग्री वाले पार्सल नागरिकों के सिर पर गिर गए. इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है, कई अन्य लोग घायल हुए हैं. हादसा गाजा शहर के शाती शरणार्थी शिविर के पास हुआ जब लोग सहायता पैकेज के इंतजार में कतार में खड़े थे. गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय ने इस हादसे में जान गवांने वालों की संख्या की पुष्टी की है.

हवाई जहाज का इस्तेमाल है पब्लिसिटी स्टंट

गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय ने एयरड्रॉप को बेकार करार दिया है और कहा है कि यह मानवीय सेवा के बजाय आकर्षक प्रचार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही राहत सामग्री को सीमाओं के रास्ते पहुंचाए जाने की वकालत की है. पिछले हफ्ते, गाजा में एक सहायता काफिले के पास इजराइली बलों की गोलीबारी में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. इजराइली सेना ने कहा है कि ज़्यादातर लोग भगदड़ में मरे हैं. फ़िलिस्तीनी अधिकारी और गवाह इससे इनकार करते हैं.संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने पिछले महीने रिपोर्ट दी थी कि गाजा में कम से कम पांच लाख या चार में से एक व्यक्ति को अकाल की आशंका है.

पांच महीने 30 हजार से ज्यादा मौत

गाजा में संयुक्त राष्ट्र के मुख्य संगठन, यूएनआरडब्ल्यूए का दावा है कि 23 जनवरी से इजराइली अधिकारियों ने उन्हें पट्टी के उत्तरी हिस्से में आपूर्ति ले जाने से रोक दिया है. वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने सुरक्षा चिंताओं के कारण गाजा में डिलीवरी निलंबित कर दी थी. जिसके बाद इजिप्ट, अमेरिका, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने एयरड्रॉप की मदद से खाना पानी पहुंचाने का काम शुरू किया. हालांकि राहत संगठनों ने इस तरीके को महंगा और अप्रभावी बताते हुए आलोचना की है. इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कुछ नहीं किया गया, तो गाजा पट्टी में अकाल को रोकना असंभव है. गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पांच महीने के संघर्ष के दौरान पट्टी में 30,000 से अधिक लोग मारे गए हैं.

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