ब्रेकिंग
Gwalior News: ग्वालियर में लिफ्ट में फंसे मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, 10-15 म... Madhya Pradesh Local News: छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने और मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट प... MP Education Department Update: वर्ष 2001 से पहले नियुक्त शिक्षाकर्मियों को बड़ा फायदा, हाईकोर्ट ने ... Kanker Patwari Strike: कांकेर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से धान खरीदी और फसल सर्वे का काम... सूर्य नगर में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की नई सुविधा, ‘आयु आरोग्य’ के जरिए स्थानीय लोगों को मिल... Bilaspur Political News: बिलासपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस भवन में हंगामे को लेकर पुल... Kawardha Police Action: सरेआम धारदार हथियार लेकर घूम रहे थे बदमाश, सिटी कोतवाली पुलिस ने दबोचा Chhattisgarh News: कोरबा में पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 13 अक्टूबर से उग्र आंदोलन का ऐला... Latehar News: चंदवा के ब्रजमोहन राम बने ओडिशा के राज्यपाल, झारखंड और पलामू में जश्न का माहौल SIR Voter List Jharkhand: 30 नवंबर तक होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन, एक दस्तावेज देकर दर्ज कराएं...
मध्यप्रदेश

अचलेश्वर मंदिर के डिजाइन में वृद्ध व दिव्यांगों को प्रवेश के लिए रैम्प का प्रविधान नहीं

 ग्वालियर। नगर में प्रमुख आस्था के केंद्र अचलेश्वर मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। तीन करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस मंदिर की संरचना में गर्भगृह प्रवेश के चारों द्वारों में से किसी एक पर भी दिव्यांग व वृद्धों के प्रवेश के लिए रैम्प बनाने का कोई प्रविधान नहीं है। ऐसे में दिव्यांग व वृद्धों को भगवान अचलनाथ के बाहर से ही दर्शन कर संतोष करना पड़ेगा। अचलेश्वर मंदिर में प्रतिदिन तीन से चार हजार शिवभक्त दर्शनों के लिए आते हैं। सोमवार को यह संख्या 10 हजार पार कर जाती है और महाशिवरात्रि में सवा से डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर में दर्शनों के लिए आते हैं। मंदिर निर्माण से जुड़े न्यास के सदस्यों का कहना है कि कुछ निर्णय मंदिर के निर्माण के साथ लिये जाने थे। मंदिर के प्रवेश द्वारों में से कम से कम एक पर स्लोप जरूरी है। यहां बता दें कि स्कूल के अलावा सरकारी दफ्तरों, स्टेशनों व बस स्टैंडों पर दिव्यांगों व वृद्धों के आने-जाने में सहूलियत के लिए रैम्प बनाये जाते हैं। नगर के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के लिए रैम्प व ग्रिल पकड़कर चढ़ने की व्यवस्था की जाती है।

रैम्प का निर्माण किया जा सकता है

फिलहाल मंदिर के डिजाइन में प्रवेश द्वारों में से किसी एक पर भी स्लोप बनाने की व्यवस्था नहीं है। मंदिर संचालन समिति के कहने पर किसी भी एक द्वार पर दिव्यांगों व वृद्धों के लिए स्लोप बनाकर स्टील की ग्रिल लगाई जा सकती है, जिससे कोई भी आसानी से मंदिर में प्रवेश कर सकेगा।

-जगदीश मित्तल, ठेकेदार

Related Articles

Back to top button