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मध्यप्रदेश

हाई कोर्ट ने बेटी की शादी तक गिरफ्तार न करने दिए निर्देश

जबलपुर। हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने सीहोर जिले के आष्टा में हुए चिटफंड घोटाले में बनाए दो आरोपितों को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए निर्देश दिए कि उन्हें बेटी की शादी तक गिरफ्तार नहीं किया जाए। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने राज्य शासन को अगली सुनवाई पर केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।

कुछ निवेशकों की शिकायत पर आवेदकों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया

आवेदक इंदौर निवासी संजय मंडलोई व सीहोर निवासी जितेन्द्र पटेल की ओर से अधिवक्ता नितिन जैन व समता जैन ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि कुछ निवेशकों की शिकायत पर आवेदकों के खिलाफ आष्टा पुलिस ने धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। उन्होंने बताया कि आवेदक स्वयं निवेशक हैं, ऐसे में उनके विरूद्ध झूठी एफआइआर दर्ज की गई है।

संजय की बेटी की शादी 20 अप्रैल को निर्धारित है

आवेदक संजय की बेटी की शादी 20 अप्रैल को निर्धारित है। दलील दी गई कि पुलिस इस मामले में आवेदकों को लगातार परेशान कर रही है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि बेटी के विवाह तक आवेदकों को गिरफ्तार नहीं किया जाए। वहीं आवेदक इस बीच जमानत पेश करने स्वतंत्र हैं।

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