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26 साल की उम्र में बने थे सांसद, अब बनेंगे मंत्री, जानें कौन हैं टीडीपी के राम मोहन नायडू

लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम 4 जून को जारी किया गया, जिसमें बीजेपी की नेतृत्व वाली एनडीए ने बहुमत हासिल की है. आज यानी 9 जून को प्रधानमंत्री के साथ नई कैबिनेट में कई सांसद भी मंत्री पद की शपथ लेंगे. इस शपथ समारोह में अब तक के सबसे कम उम्र के युवा मंत्री भी शपथ लेने वाले हैं.

ये युवा मंत्री तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद राम मोहन नायडू किंजरापु हैं जिन्होंने आंध्र प्रदेश चुनाव के श्रीकाकुलम लोकसभा सीट पर जीत हासिल की है, इस चुनाव में उनकी लड़ाई वाईएसआरसीपी उम्मीदवार पेराडा तिलक से थी. राम मोहन सम्मानित पूर्व टीडीपी नेता और केंद्रीय मंत्री येरन नायडू के बेटे हैं.

राजनीतिक करियर की शुरुआत

राम मोहन की राजनीतिक करियर की शुरुआत काफी अचानक हुई, क्योंकि उन्होंने अपने करियर के लिए सिंगापुर का रुख कर लिया था, लेकिन परिस्थितियों और हालात के बिगड़ने की वजह से उन्हें वापस आना पड़ा. साल 2012 में एक रोड एक्सिडेंट में राम मोहन के पिता येरन नायडू की मौत हो गई थी, येरन नायडू टीडीपी के पूर्व नेता और केंद्रीय मंत्री थे. पिता की मौत के बाद से उन्होंने अपना रास्ता राजनीति की तरफ मोड़ लिया. राम नायडू ने साल 2014 में अपना पहला चुनाव श्रीकाकुलम से लोकसभा सांसद के लिए लड़ा, जिसमें उनको जीत हासिल हुई, उस वक्त राम मोहन की उम्र केवल 26 साल थी. इस जीत के साथ ही उन्होंने 16वीं लोकसभा में दूसरे सबसे कम उम्र के सांसद के रूप में अपनी पहचान बनाई. राम मोहन को नारा चंद्रबाबू नायडू का काफी करीबी और राम मोहन को चंद्र बाबू नायडू का सबसे वफादारों में से एक माना जाता है. जब चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के वक्त राम मोहन ने दिल्ली में नारा लोकेश के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. राम मोहन को साल 2020 में संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया.

शुरू से पढ़ाई के क्षेत्र में थे कुशल

18 दिसंबर साल 1987 को श्रीकाकुलम के निम्माडा में राम मोहन का जन्म हुआ था, राम मोहन के पिता एक सम्मानित नेता थे, जिसकी वजह से कहा जा सकता है कि राम मोहन को राजनैतिक कौशल विरासत में मिली है. राम मोहन पढ़ाई के क्षेत्र में काफी अच्छे थे, उनकी शुरुआती पढ़ाई आरके पुरम में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से हुई, बाद में उन्होंने पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री ली और पोस्ट ग्रेजुएशन में उन्होंने एमबीए की डिग्री लॉन्ग आइलैंड से ली.

अपने ही पिता का तोड़ रहे रिकॉर्ड

उन्होंने रूढ़िवादी पाबंदियों को तोड़ते हुए साल 2017 में श्री श्रव्या से शादी कर ली. साल 2021 में वह एक बेटी के पिता बने, इस दौरान भी वो तब चर्चा में आए जब उन्होंने अपनी पत्नी की प्रेग्नेंसी के समय पर पेटर्निटी लीव( पितृत्व अवकाश) का फैसला लिया. राम मोहन इस बार सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री होंगे, हालांकि ये समय उनके लिए और खास इसलिए भी है क्योंकि इस बार वह अपने पिता का रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, राम मोहन नायडू के पिता येरन नायडू के साल 1996 में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री थे.

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