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पीएम मोदी ने अधीर रंजन पर कसा तंज, सुनाया- साधु, मौलवी और पहलवान का किस्सा

नई दिल्ली।  लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर रंग में दिखे और विपक्षी नेताओं, खासकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन और राहुल गांधी पर जमकर कटाक्ष किया। अधीर पर तो मोदी के तीर कुछ ज्यादा ही चले। मोदी ने अधीर की भाषण शैली को फिट इंडिया मूवमेंट से ही जोड़ डाला।

भाषण के दौरान अधीर पर मोदी के शब्द तीरों का सिलसिला आगे भी जारी रहा। मोदी ने ‘अधीर पर ‘खा रबड़ी कर कसरत’ के तंज के लिए ट्रेन में साधु, मौलवी, पलवान का किस्सा सुनाया। मोदी ने कहा कि कल यहां स्वामी विवेकानंद के कंधों से बंदूकें फोड़ी गईं। आपने रेकॉर्ड से निकाल दिया है, इसलिए जिक्र नहीं करूंगा। एक बार कुछ लोग रेल में सफर कर रहे थे। रेल जैसे गति पकड़ती थी, तो पटरी से आवाज आती थी।

वहां बैठे हुए एक संत महात्मा बोले कि देखो पटरी में से कैसी आवाज आ रही है। यह बेजान पटरी भी हमें कह रही है- प्रभु कर दे बेड़ा बार। दूसरे संत ने कहा कि मैंने सुना नहीं। मुझे तो यह सुनाई दे रहा है- प्रभु तेरी लीला अपरंपार। वहां बैठे मौलवी ने कहा कि उन्हे दूसरा ही सुनाई दे रहा है। उसने कहा मैं सुन रहा हूं- अल्लाह तेरी रहमत। तभी वहां मौजूद पहलवान ने कहा कि मुझे तो सुनाई दे रहा है- खा रबड़ी कर कसरत। खा रबड़ी कर कसरत।

कल जो विवेकानंद के नाम से कहा गया, जैसे मन की रचना होती है, वैसे ही हमें सुनाई देता है। आपके यह देखने के लिए इतनी दूर करने की जरूरत नहीं थी, बहुत कुछ पास में है।

लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन ने कहा था कि स्वामी विवेकानंद आध्यात्मिक युग में रहते थे, जबकि हम भौतिक युग में हैं। उसके बाद के एक शब्द ने सदन में बवाल खड़ा कर दिया था। इस दौरान उनकी भाजपा के कुछ सदस्यों से नोकझोंक भी हुई।

दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में हो रही चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के चौधरी ने कहा कि मंगलवार को भाजपा सदस्य सत्यपाल सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना स्वामी विवेकानंद से की थी जिनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। उन्होंने कहा कि कोई किसी की तुलना किसी से भी कर सकता है, उसका अधिकार है लेकिन नरेंद्र नाथ दत्त (स्वामी विवेकानंद) आध्यात्मिक युग में थे और योगी थे जबकि आज हम भौतिक युग में हैं।

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