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पुरानी दोस्ती आई याद… हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल के साथ आएगा अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के गाजा युद्ध विराम प्रस्ताव पेश करने और इजराइल को हथियारों की सप्लाई रोकने की चेतावनी के बाद लग रहा था कि अमेरिका और इजराइल की दोस्ती में दरारें पैदा हुई हैं. लेकिन, अमेरिका एक अच्छे दोस्त की तरह इजराइल के बुरे समय में साथ देने के लिए तैयार हो गया है. दरअसल इजराइल के नॉर्दर्न बॉर्डर पर हिजबुल्लाह एक बड़ा खतरा बना हुआ है. हिजबुल्लाह 7 अक्टूबर के बाद से लेबनान से लगे इजराइल बॉर्डर पर रॉकेट दाग रहा है. हाल के दिनों में हिजबुल्लाह ने इन हमलों की रफ्तार तेज की है.

पिछले हफ्ते हिजबुल्लाह ने अपने कमांडर की मौत का बदला लेने के लिए इजराइल के ऊपर 200 रॉकिट दागे थे, इजराइल ने लेबनान में स्ट्राइक कर हिजबुल्लाह के कमांडर अबू तालिब समेत तीन लड़ाकों को मार गिराया था. हिजबुल्लाह के इस हमले के बाद इजराइल ने उससे फुल फ्लेश वॉर की पूरी तैयारी कर ली है और अब अमेरिका ने भी इजराइल को आश्वासन दिया है कि वह हिजबुल्लाह की जंग में उसका पूरा साथ देगा.

अमेरिका पहुंचा इजराइली डेलीगेशन

हिजबुल्लाह से तनाव बढ़ने के बाद इजराइल का एक हाई लेवल डेलिगेशन अमेरिका पहुंचा है. अमेरिका ने डेलिगेशन के साथ मुलाकात के बाद विश्वास दिलाया है कि वे जंग की सूरत में अपने दोस्त इजराइल के साथ पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा.

सूत्रों के मुताबिक, इजराइल के डेलिगेशन में स्ट्रेटेजिक मिनिस्टर रॉन डर्मर और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइसर त्ज़ाची हनेग्बी के साथ कई वरिष्ठ इजराइल अधिकारी वाशिंगटन पहुंचे हैं. अधिकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन, विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और व्हाइट हाउस के मध्य पूर्व मामलों के कोऑर्डिनेटर ब्रेट मैकगर्क जैसे बाइडेन प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं.

अमेरिका लेबनान में नहीं उतारेगा अपने सैनिक

CNN की खबर के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिजबुल्लाह के मुद्दे पर चर्चा करते हुए अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि बाइडेन प्रशासन इजराइल को जरूरी सुरक्षा और मदद देगा, लेकिन अमेरिका ऐसी स्थिति में जमीन पर अपने सैनिकों को तैनात नहीं करेगा. हमास से जंग की तरह ही इजराइली सैनिकों को अमेरिकी हथियारों के सहारे हिजबुल्लाह से खुद लड़ना होगा.

अगर छिड़ी जंग तो इजराइल में होगा अंधेरा

हिजबुल्लाह ने इजराइली सेना के ठिकानों के साथ साथ कई पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाने की कोशिश की है. गुरुवार को इजराइल की बिजली देखने वाली कंपनी के प्रमुख ने चेतावनी दी कि अगर हिजबुल्लाह के साथ फुल फ्लेश वॉर छिड़ जाता है तो हम अपने बिजली के बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं कर पाएंगे. हालांकि बाद में उन्होंने अपनी टिप्पणी को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बताया था.

इज़राइल के इंडिपेंडेंट सिस्टम ऑपरेटर लिमिटेड के चीफ शॉल गोल्डस्टीन ने कहा था, “हम अच्छी स्थिति में नहीं हैं और हम फुल फ्लेश वॉर के लिए तैयार नहीं हैं. हम एक कल्पना में जी रहे हैं.”

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