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उत्तरप्रदेश

एक झपकी और उजड़ गए कई परिवार, 18 मौतों के बाद मची चीख-पुकार; उन्नाव बस हादसे की इनसाइड स्टोरी

सीतामढ़ी से चल कर बुधवार की अल सुबह दिल्ली जा रही डबल डेकर बस में सवार तीन परिवार उजड़ गए. दो परिवार तो पूरी तरह से खत्म हो गए हैं. इनमें एक परिवार बिहार के शिवहर जिले में हिरागा निवासी लाल बाबू दास का है. वहीं दूसरा परिवार मुलहारी जिले में शिवोली के रहने वाले मो. शफीक का परिवार है. इन दोनों ही परिवारों के चार चार लोग इस हादसे में मारे गए हैं. इसी प्रकार दिल्ली में रहने वाली शबाना और उनकी बेटी नगमा की मौत हुई है. यह हादसा मंगलवार-बुधवार की भोर में करीब साढ़े 4 बजे हुआ है.

उन्नाव के बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र में यह हादसा आगरा से करीब 247 किमी पहले हुआ है. इस हादसे में डबल डेकर बस का एक हिस्सा पूरी तरह साफ हो गया है. वहीं इस हिस्से की ओर सो रहे लोगों की मौत हो गई है. सीओ बांगरमऊ के मुताबिक इस हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 14 लोगों की पहचान भी हो गई है. इनमें भी 11 लोग तीन परिवारों के हैं.उन्होंने बताया कि बिहार के शिवहर जिले में हिरागा के रहने वाले लालबाबू दास का परिवार रोजी रोटी के लिए दिल्ली में रहता है.

छुट्टियां मना कर लौट रहा था परिवार

उनके बच्चे यहीं पर पढ़ाई भी करते हैं. ये लोग गर्मी की छुट्टियों में गांव गए थे और छुट्टियां खत्म होने के बाद इस डबल डेकर बस में सवार होकर दिल्ली लौट रहे थे. इस हादसे में लालबाबू दास, उनके बेटे राम प्रवेश, भरत भूषण और बाबू दास की मौत हुई है. इसी प्रकार बिहार के ही मुलहारी में शिवोली की रहने वाली चांदनी का पूरा परिवार इस हादसे में मारा गया है. इस बस में चांदनी के साथ ही उनके पति शफीक, बेटा तौफीक और बहू मुन्नी सवार थी. इन सभी की मौत हो गई है. तीसरा परिवार दिल्ली के भजनपुरा में रहने वाली शबाना का है. इस हादसे में शबाना के साथ ही उनकी बेटी नगमा की भी मौके पर मौत हो गई है.

ऐसे हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक यह हादसा ओवरटेकिंग के दौरान हुआ हो सकता है. दरअसल दूध का टैंकर मध्यम गति से आगरा की ओर जा रहा था. इतने में पीछे से तेज रफ्तार में डबल डेकर बस आ गई. पुलिस का दावा है कि उस समय दो परिस्थितियां बनी होंगी. एक तो यह कि डबल डेकर बस के ड्राइवर को नींद आ गई हो और उसने कंटेनर में टक्कर मार दी हो. दूसरी परिस्थिति यह भी हो सकती है कि डबल डेकर बस के ड्राइवर ने कंटेनर को ओवरटेक करने की कोशिश की हो और उसी दौरान कंटेनर के ड्राइवर ने भी उसी दिशा में गाड़ी मोड़ दी हो.

बाएं साइड से उजड़ गई बस

इस हादसे में बस का बायां साइड कंटेनर से टकराया है. चूंकि कंटेनर की स्पीड कम थी और बस की ज्यादा थी. ऐसे में कंटेनर की बॉडी को रौंदते हुए बस आधा से अधिक अंदर घुस गई. इसके चलते बस का बायां हिस्सा बुरी तरह से डैमेज हो गया. इस हादस में बस के बाएं साइड में सवार सभी लोगों की मौत तो हुई ही है, दाहिनी ओर नींद का झोंका ले रही सवारियां भी प्रभावित हुई. इनमें भी ज्यादातर लोगों की मौत हुई है. पुलिस के मुताबिक यह संयोग ही था कि टक्कर बाएं साइड में हुआ है. यदि यही टक्कर दाहिनी साइड में होता तो मौत का आंकड़ा और भी बढ़ सकता था.

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