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राजस्थान

‘YouTube चैनल सब्सक्राइब करके वीडियो देखो, नहीं तो…’ अजमेर डिस्कॉम के अफसर का फरमान, बाद में आदेश लिया वापस

अजमेर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के एक चीफ इंजीनियर का आदेश इन दिनों चर्चा में है. इंजीनियर ने अजीबोगरीब आदेश दे डाला है, जिसकी वजह से 17 जिलों के कर्मचारियों को गुस्सा आ गया. अजमेर डिस्कॉम के एडिशनल चीफ इंजीनियर ने इन जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) के यूट्यूब चैनल पर अवेलेबल कंटेंट को देखकर और सुनकर आने का आदेश जारी कर दिया था. ऐसे में जब इस आदेश का विरोध किया गया तो इसे वापस ले लिया गया.

अजमेर डिस्कॉम के चीफ इंजीनियर एस के नागरानी ने नौ अक्टूबर को एक आदेश जारी करते हुए कहा कि हर सप्ताह होने वाली सुरक्षा चर्चा में शामिल होने के लिए इस यूट्यूब चैनल के मोटिवेशनल वीडियो देखना जरूरी है. ऐसे में अगर कोई अधिकारी और कर्मचारी ये नहीं करता है तो उसे समय-समय पर होने वाली चर्चा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा. इसके अलावा यूट्यूब चैनल के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप को लेफ्ट करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इंजीनियर का ये आदेश पढ़कर सभी कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.

फीडबैक फॉर्म भी किया गया जारी

आदेश के साथ ही फीडबैक फॉर्म भी जारी किया गया था. फॉर्म में चैनल की दस रचनाओं से जुड़े सुझाव और प्रेरणा के लिए एक कॉलम भी बना था. मामले पर डिस्कॉम के कार्यवाहक एमडी के.पी. वर्मा ने बताया कि इस आदेश को वापस ले लिया गया है और मामले की जांच के आदेश दिए गए. एडिशनल चीफ इंजीनियर एस. के. नागरानी का जीने की राह सुरेद्र, के नाम से एक यूट्यूब चैनल है. नागरानी इस चैनल पर अपनी मोटिवेशनल रचनाऐं डालते हैं. चैनल पर 20 वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें सुनने का आदेश जारी किया गया था.

अजमेर डिस्कॉम राजस्थान के 17 जिलों.. अजमेर, बांसवाड़ा, ब्यावर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डीडवाना-कुचामन, डूंगरपुर, झुंझुनू, केकड़ी, नागौर, नीम का थाना, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, शाहपुरा, सीकर और उदयपुर में बिजली वितरण और आपूर्ति का काम करती है.

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