ब्रेकिंग
Pregnant Woman Murder Case: पाटन थाना क्षेत्र के रानीताल पुलिया की घटना, पुलिस ने तीन आरोपियों को कि... Madhya Pradesh Crime & Accident: जिला अस्पताल में घायलों का चल रहा इलाज, पुलिस पेट्रोलिंग टीम की सूझ... Madhya Pradesh Police Action: सीसीटीवी फुटेज आया सामने, जमीन विवाद के चलते ज्योति चौरसिया की हत्या क... Kranti Gaud Bageshwar Dham: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गोल्ड मेडलिस्ट क्रिकेटर को दी बधाई, घुव... Amit Shah Minute-to-Minute Schedule: स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण और डेयरी प्रोडक्ट्स प्लां... MP Politics: "हम दो, हमारे पांच" का नारा देकर सुर्खियों में आए खरगोन-बड़वानी सांसद, जिम की जगह अखाड़... Madhya Pradesh Coal Mines: उमरिया कालरी के इतिहास और रोजगार पर मंडराए संकट को लेकर उग्र हुआ आंदोलन ATRI Campus Bhopal & Dairy Plant: सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में होगा एमओयू, ड्रोन और एआई तकनीक प... Swami Prasad Maurya Joins INDIA Alliance: राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष ने कांग्रेस दफ्तर म... Bareilly Murder Mystery Solved: भमोरा थाना क्षेत्र के कुड्डा गांव में मां की हत्या का आरोपी दूसरा बे...
विदेश

अब इस्कॉन की संपत्ति के पीछे पड़े बांग्लादेश के कट्टरपंथी, सरकार को ही चेताया

बांग्लादेश का इस्कॉन ट्रस्ट कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गया है. बांग्लादेश के इंकलाब मंच ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय कृष्ण चेतना संघ (इस्कॉन) की कमाई का लेखा-जोखा जनता के सामने आना चाहिए. मंच के प्रवक्ता शरीफुल उस्मान-बिन हादी ने सोमवार को ढाका विश्वविद्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट के फंड की जांच करने की मांग उठाई.

पिछले शनिवार को इस्कॉन ट्रस्ट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमर देश पत्रिका के संपादक महमूदुर रहमान को अपने बयान के लिए माफी मांगने के लिए सात दिनों का समय दिया था. जिसके बाद इंकलाब मंच के प्रवक्ता ने कहा, चूंकि इस्कॉन ने फासीवाद के खिलाफ लड़ाई में सिपहसालारों में से एक महमूदुर रहमान से हमारे कार्यक्रम में दिए गए एक तार्किक भाषण के लिए माफी मांगने को कहा है, इसलिए हम कुछ सवाल उठाना चाहते हैं. इस्कॉन के पैसे का स्रोत क्या है? वे इतने करोड़ों रुपये का बजट कैसे बना रहे हैं?

सांस्कृतिक गतिविधियां ही करने की इजाजत

शरीफुल उस्मान-बिन हादी ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा नीति के मुताबिक NGO सिर्फ सांस्कृतिक गतिविधियां ही कर सकते हैं. किसी NGO को राजनीतिक गतिविधियां करने की इजाजत नहीं है. लेकिन इस्कॉन की सारी गतिविधियां राजनीतिक हैं. वे ढाका-चटगांव हाईवे को जाम करना चाहते हैं.

इस्कॉन की पहचान स्पष्ट करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह साफ किया जाना चाहिए कि इस्कॉन धार्मिक संगठन है या राजनीतिक. बांग्लादेश के किस मंत्रालय के तहत किस कानून के तहत उनका पंजीकरण हुआ है, इसका खुलासा किया जाना चाहिए. उन्हें NGO ब्यूरो को यह बताना चाहिए कि पिछले 10-15 सालों में उन्हें मिले दान का सही हिसाब दिया गया है या नहीं.

इस्कॉन के खिलाफ बोलना हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं

शरीफुल उस्मान-बिन हादी ने कहा, बांग्लादेश में एक नैरेटिव बनाया गया है कि इस्कॉन के खिलाफ बोलना हिंदू धर्म के खिलाफ बोलना है. इस्कॉन किसी भी तरह से बांग्लादेश में पारंपरिक धर्म का प्रतिनिधि नहीं है, इसके विपरीत बांग्लादेश के कई पारंपरिक धार्मिक लोगों को उनकी ओर से प्रताड़ित किया गया है. उन्होंने पिछले कुछ सालों में कई मंदिरों पर कब्जा किया है. वह दुनिया को ये दिखाना चाहते हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहा है.

हादी ने ये भी पूछा कि भारत के एक पूर्व उच्चायुक्त ने इस्कॉन को खुलेआम दान दिया था. इसके अलावा उन्हें बाहर से कितना दान मिलता है, उनके पास कितनी संपत्ति है. उन्होंने आखिर में ये भी चेतावनी दी की अगर सरकार कोई एक्शन नहीं लेती है तो वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.

Related Articles

Back to top button