ब्रेकिंग
FSSAI Cases Against Nestle: नान एक्सेला प्रो और लैक्टोजेन को लेकर नेस्ले पर कसे कानूनी शिकंजे, दर्ज ... Andhra Pradesh Shipping News: मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में हुआ बड़ा समझौता, 45 हजार रो... Money Management Tips: क्या सिर्फ पैसे बचाना काफी है? समझें परचेजिंग पावर और महंगाई का पूरा खेल Delhi Honeytrap Case: व्हाट्सएप दोस्ती के बाद रेस्टोरेंट में बुलाया, 21 हजार का बिल थमाकर मारपीट और ... Delhi Traffic Challan New Rule: कोर्ट में चालान चैलेंज करने से पहले भरना होगा 50% अमाउंट, जानिए क्या... Gurugram Police Action: राजस्थान से गिरफ्तार मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला कोर्ट में पेश, 1 अक्टूबर को ह... Haryana Petrol Pump Association: प्रति लीटर कमाई से ज्यादा चार्ज, जानिए क्यों यूपीआई पेमेंट का विरोध... Pehowa Sadar Police Action: कुरुक्षेत्र में सड़क हादसे के बाद फरार बस चालक की तलाश जारी, पुलिस खंगाल... Haryana Police Crime News: कैथल में पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज, 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का ... Chandigarh News: मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के कार्यों से गदगद हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कहा- संकट के...
महाराष्ट्र

हिंदुओं पर सबसे ज्यादा खतरा BJP शासित राज्यों में… शिवसेना UBT नेता आदित्य ठाकरे का बड़ा आरोप

महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी है. आदित्य ने हिंदुत्व के अलावा महाराष्ट्र की नई सरकार, संसद में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का चुनावी हिंदुत्व सभी के सामने लेकर आए. बीजेपी चुनाव के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल करती है. शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा कि देशभर में ज्यादा से ज्यादा हिन्दू मंदिर और हिन्दू जो खतरे में है वो बीजेपी के राज्य में ही है.

आदित्य ठाकरे ने आगे कहा कि बीजेपी की सरकार में दादर इलाके में 80 साल पुराने हनुमान मंदिर को नोटिस भेजा गया. हमारे विरोध के बाद बीजेपी के कई नेता हनुमान मंदिर पर नाटक करने पहुंचे थे. अगर इतनी ही हिम्मत है तो बीजेपी के नेताओं को बांग्लादेश में हिंदुओं को बचाना चाहिए. हमारी मांग है कि हनुमान मंदिर को जो नोटिस भेजा गया है उस पर स्टे लाना चाहिए. मैं आज हनुमान मंदिर में दर्शन करने जाऊंगा.

सड़क सीमेंटिंग परियोजना को लेकर बीजेपी को घेरा

मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने बीएमसी कमिश्नर भूषण गगराणी को पत्र लिखकर एकनाथ शिंदे की सरकार के दौरान शुरू की गई 6000 करोड़ रुपए की सड़क सीमेंटिंग परियोजना में घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाया है. इसपर आदित्य ठाकरे ने कहा बीजेपी ने सड़क घोटाले को लेकर SIT की मांग की है. इसी सड़क घोटाले को मैंने 2022, 2023 और 2024 में लोगों के सामने लेकर आया था.

आदित्य ठाकरे ने कहा मैने पहले ही कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुंबई न लेकर आए. उनका अपमान होगा क्योंकि उनके हाथों से भ्रष्ट स्कैम का उद्घाटन होने जा रहा है. सड़क की जो हालत खराब होनी थी वो हो चुकी है. कॉन्ट्रैक्टर को पैसे मिल चुके हैं. भ्रष्टाचार हो चुका है. आज बीजेपी वाले नाटक कर रहे है कि SIT से जांच होनी चाहिए.

फडणवीस से ईओडब्ल्यू जांच की मांग

उन्होंने कहा कि अगर देवेंद्र फडणवीस सच में जांच चाहते हैं तो एकनाथ शिंदे को मंत्रालय में ना ले. दीपक केसरकर और मंगल प्रभात लोढ़ा कैबिनेट में शामिल न करें. ये तो मुंबई के पालक मंत्री थे. इनके समय ये स्कैम हुआ है. मैंने सबूत दिखाए थे और लोगो के समाने एक्पोज किया था. देवेंद्र फडणवीस को चाहिए कि वो इस मामले की ईओडब्ल्यू से जांच कराए.

बीजेपी-कांग्रेस को दलदल में नहीं जाना चाहिए

वहीं, लोकसभा में राहुल गांधी के बयान ‘संविधान से पहले मनुस्मृति लागू करने का प्लानिंग थी और वीर सावरकर ये साजिश रच रहे थे’, पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि कल हमने प्रियंका गांधी का भी भाषण सुना. उन्होंने कहा कि नेहरू जी को कितने बार लेकर आओगे. मैं प्रियंका गांधी की इन बातों से सहमत हूं. उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस और बीजेपी दोनों से कहना चाहता हूं कि दोनों राष्ट्रीय दल हैं और उन्हें दलदल में नहीं जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आपको भविष्य के बारे में बात करनी चाहिए. अब कितनी बार सावरकर और नेहरू को दोष देते रहेंगे. कितनी बार अपनी राजनीति के लिए दोनों को खिंच कर लेकर आओगे. कितनी बार 50 या 100 साल पहले क्या हुआ, वो बात लेकर आओगे और चर्चा करोगे. आज हमें युवाओं की बात करनी है.

‘बिल पेश होने के बाद देखते हैं’

वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि पहले बिल को संसद में पेश होने दीजिए. पहले तो हमें यह जानना जरूरी है कि बिल में क्या है. वहीं, इंडिया गठबंधन के नेतृत्व बदलने की जरूरत वाले सवाल पर आदित्य ने कहा कि मुझे तो कोई अनबन नहीं दिख रहा है. सब मिलजुलकर काम कर रहे हैं. हर एक के काम करने का अलग-अलग तरीका होता है.

Related Articles

Back to top button