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मणिपुर: म्यांमार से हो रही हथियारों की तस्करी… मैतेई समुदाय ने केंद्र से की NRC लागू करने की मांग

मणिपुर में मई 2023 से कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा भड़क गई थी. तब से लेकर आज तक सरकार और प्रशासन उसको शांत करने की कवायद में जुटी है. हाल के दिनों में हिंसा की घटनाओं में काफी हद तक कमी हुई है. इस बीच रविवार को मेइती संगठन ने केंद्र सरकार से अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करने की मांग की है.

मेइती समूह ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (COCOMI) ने केंद्र सरकार से म्यांमार के अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए एनआरसी लागू करने की मांग की. मेइती समूह ने सरकार से अवैध तरीके से राज्य में दाखिल होने और हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए जल्द से जल्द भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने का भी आग्रह किया.

कुकी जो उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

संगठन के समन्वयक सोमेंद्रो थोकचोम ने कहा, ‘इस महीने की शुरुआत में कडांगबंद में हुए बम धमाके के बावजूद केंद्र ने कोई कार्रवाई नहीं की. यह दर्शाता है कि राज्य के लोगों को देश का नागरिक नहीं माना जा रहा है.’ संदिग्ध उग्रवादियों ने 14 जनवरी को मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के कडांगबंद इलाके में बम धमाका किया था.

थोकचोम ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह संघर्ष तभी समाप्त होगा जब केंद्र निश्चित कार्रवाई और कुकी उग्रवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करेगा.’ इंफाल घाटी के कई नागरिक समाज संगठनों ने सरकार से कुकी जो उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की ताकि राज्य में जारी संघर्ष को समाप्त किया जा सके.

‘म्यांमार से तस्करी संघर्ष के मुख्य मुद्दे’

थोकचोम ने कहा, ‘घुसपैठियों की पहचान के लिए (मणिपुर में) एनआरसी लागू किया जाना चाहिए. म्यांमार के लोगों के लिए शरणार्थी हिरासत शिविर केवल मणिपुर तक ही सीमित नहीं होने चाहिए. राज्य के पास सीमित भूमि संसाधन हैं. अन्य राज्यों में भी शिविर स्थापित किए जाने चाहिए.’उन्होंने कहा कि केंद्र को म्यांमार सीमा पर जल्द से जल्द बाड़ लगाने का काम पूरा करना चाहिए. ताकि घुसपैठियों के साथ-साथ पड़ोसी देश से हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी को रोका जा सके. थोकचोम ने कहा, ‘म्यांमार से मणिपुर में घुसपैठ, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी राज्य में संघर्ष के मुख्य मुद्दे बने हुए हैं.’ उन्होंने कहा कि राज्य की स्थिति में शायद ही कोई सुधार हुआ है.

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