ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
व्यापार

Ola-Uber पर गिरी गाज, ‘डबल प्राइसिंग’ पर सरकार ने भेजा ये फैसला

पिछले कुछ महीनों में अपने प्राइसिंग को लेकर उबर और ओला लगातार सवालों के घेरे में है. इसे लेकर कंपनियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहा है. लोग इसे लेकर लगातार सवाल उठा रहे है. कई इंफ्यूलेंसर ने तो इसके लाइव प्रूफ भी अपने सोशल मीडिया पर अपलोड किए है. ऐसे में भारत सरकार ने इस मामले को देखते हुए कंज्यूमर मामलों के विभाग ने इन कंपनियों को नोटिस भेजा है.

सरकार ने भेजा नोटिस

इस बात की जानकारी भारत के कंज्यूमर, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर दी है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइलों (आईफोन/एंड्रॉयड) के अलग-अलग मॉडलों के आधार पर यह साफ देखा जा सकते है कि डिफरेंट प्राइस सेटअप के चलते उपभोक्ता मामले विभाग ने सीसीपीए के माध्यम से प्रमुख कैब एग्रीगेटर ओला और उबर को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है.”

क्या है पूरा मामला

देश के भीतर लगातार प्राइसिंगको लेकर उबर और ओला सवाल उठ रहे थे. इसी कड़ी में दिल्ली के एक बिजनेसमैन ने ओला और उबर जैसी राइड-हेलिंग ऐप पर डिफरेंट प्राईसिंग को लेकर एक पोस्ट साझा किए. उन्होंने अलग अलग डिवाइस और बैटरी लेवल पर किराए की तुलना की. इसके बाद, उबर ने आरोपों से इनकार किया.

उबर ने किया था इंकार

उबर ने कहा कि किराया में कोई अंतर फोन के प्रकार पर आधारित नहीं है. ऐसे में अब सरकार ने खुद हस्तक्षेप किया और उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म की जांच का आदेश दिया. यह गंभीर आरोप इन कंपनियों पर कई सवाल उठाते है. अब देखना यह है कि इस बात में कितनी सच्चाई है.

Related Articles

Back to top button