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Nirbhaya Case: 8 वर्ष बाद दोषी मुकेश का सनसनीखेज दावा- घटना की रात दिल्ली में था ही नहीं

नई दिल्ली। 2012 Delhi Nirbhaya Case: आगामी 20 मार्च को होने वाली फांसी से बचने के लिए निर्भया के चारों दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर कर नया पैंतरा चला है। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में फांसी की सजा पाए दोषी मुकेश ने अपने वकील एमएल शर्मा (Lawyer ML Sharma) के जरिये दिल्ली की कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि वह निर्भया के साथ 16 दिसंबर, 2012 को हुए हादसे के दौरान दिल्ली में ही नहीं था। उसने याचिका में दावा किया है कि उसे (मुकेश) को 17 दिसंबर, 2012 को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में वह घटनास्थल यानी दिल्ली के वसंत विहार में मौजूद नहीं था।  इसी के साथ मुकेश ने तिहाड़ जेल में प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। वहीं, मुकेश की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मुकेश ने चला अब तक सबसे बड़ा दांव

हैरानी की बात तो यह है कि मुकेश ने यह पैंतरा आगामी 20 मार्च को होने वाली फांसी से सिर्फ 3 दिन पहलेचला है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अब तक उसने ऐसी याचिका आखिर कोर्ट में क्यों नहीं दायर की कि वह घटनास्थल या घटना के दिन दिल्ली में ही नहीं था।

इससे पहले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश सिंह की उस याचिका को खारिज कर किया, जिसमें उसने सुधारात्मक याचिका और दया याचिका दोबारा से इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी। उसका कहना था कि उसकी पूर्व की वकील वृंदा ग्रोवर ने उसे धोखे में रखकर सुधारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी, जो खारिज भी हो गई। मुकेश की मानें तो उसकी वकील ने यह सच भी उससे छिपाया कि सुधारात्मक याचिका दाखिल करने के लिए तीन साल का समय होता है।

यहां पर बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चौथा डेथ वारंट जारी कर चारों दोषियों (विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय) को फांसी देने के लिए 20 मार्च की तारीख तय की है। तय समय के अनुसार चारों दोषियों को 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे फांसी पर लटका दिया जाएगा।

बता दें कि देश-दुनिया को दहला देने वाली निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना 16 दिसंबर, 2012 को हुई थी।

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