ब्रेकिंग
सनातनी विनोद कुमार बिंदल के सान्निध्य में रामलीला का समापन, दशहरा पर रावण दहन और श्रीराम के राज्याभि... US Stance on India Internal Matters: भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से अमेरिका का इनकार, अमेरिकी... Delhi High Court Observation: 'आप लोग जेन-जी नहीं हैं...' कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ताओं पर कोर्ट ... Tiger Shroff Attack Case Update: टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का बड़ा खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के... Smriti Irani Attacks Rahul Gandhi: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, महिला पुलिस अफसर के साथ... Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi: परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मो... UP Congress Press Conference: यूपी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बोला बड़ा हमला, एसआईआर प्रक्रिया में गड... Akhilesh Yadav Warning to Officers: राजनीतिक कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले अधिकारियों को जेल जाने की... Supaul News: बिहार के सुपौल में 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली महिला की ... Haridwar Ganga Canal Cleaning News: हरिद्वार में हर की पैड़ी पर सूखी गंगा की धारा, मरम्मत और सफाई के...
टेक्नोलॉजी

YouTube का नया फरमान, ऐसे वीडियो के नहीं मिलेंगे पैसे, 15 जुलाई से बदलेगा खेल!

अगर आप YouTube पर सिर्फ कॉपी-पेस्ट या एक जैसे वीडियो बनाकर कमाई कर रहे हैं, तो अब सावधान हो जाइए. YouTube 15 जुलाई 2025 से अपनी मोनेटाइजेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. अब ऐसे क्रिएटर्स पर शिकंजा कसा जाएगा जो बार-बार एक जैसे, बिना मेहनत के और एआई वीडियो अपलोड करते .

क्यों लिया गया ये फैसला?

YouTube चाहता है कि प्लेटफॉर्म पर असली, नया और दिलचस्प कंटेंट हों. इसी लिए YouTube Partner Programme (YPP) में अब रिपेटेटिव और मास-प्रोड्यूस्ड कंटेंट की जांच और कड़ी की जा रही है.

क्या है नई पॉलिसी की खास बातें?

मौलिकता (Originality) जरूरी है. किसी दूसरे का कंटेंट उठाकर थोड़ा सा बदलना अब नहीं चलेगा. वीडियो को इतना बदला जाना चाहिए कि वो नया और आपका खुद का लगे.

रिपेटेटिव वीडियो पर लगेगी रोक, बार-बार एक जैसे टेम्पलेट्स में बने वीडियो, रोबोट जैसी आवाजे, बिना जानकारी या एंटरटेनमेंट के वीडियो की अब इनकी पहचान की जाएगी.

AI कंटेंट भी निशाने पर?

हालांकि YouTube ने AI का नाम नहीं लिया है, लेकिन माना जा रहा है कि AI से बने वीडियो जिनमें मानवीय टच नहीं होता, जैसे कि ऑटो-जनरेटेड आवाजें और रिएक्शन, वो भी इस सख्ती की चपेट में आ सकते हैं.

कमाई के लिए चाहिए क्वालिटी और क्रिएटिविटी

यूट्यूब पर पैसे कमाने के लिए 1000 सब्सक्राइबर और 4000 घंटे वॉच टाइम या 10 मिलियन Shorts व्यूज की जरूरत तो है ही, लेकिन अब इनके बाद भी असली कंटेंट ही तय करेगा कि पैसा मिलेगा या नहीं.

YouTube का ये फैसला साफ संदेश देता है कि अगर आपको यूट्यूब से कमाई करनी है, तो मेहनत करनी होगी. कॉपी-पेस्ट, क्लिकबेट और बॉट जैसे वीडियो अब ज्यादा दिन नहीं चलेंगे.

क्रिएटर्स पर पड़ेगा असर

इस बदलाव से हजारों क्रिएटर्स की कमाई पर असर पड़ सकता है. लेकिन वूयअर्स का यूट्यूब स्ट्रीम करने का एक्सपीरियंस बेहतर हो सकता है. इससे उन्हें एक जैसा बोरिंग कंटेंट देखना नहीं पड़ेगा.

Related Articles

Back to top button