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Coronavirus Update: कोरोना मरीज मिलते ही पूरे झारखंड में खलबली, जानें कैसे हुई मुस्लिम महिला की पहचान

रांची। Coronavirus Update कोरोना के मैप में अब झारखंड भी लाल हो गया है। झारखंड में अभी तक इसका मरीज नहीं मिला था लेकिन अब इस वायरस से संक्रमण की चपेट में झारखंड भी आ गया है। मंगलवार को झारखंड में इसका पहला पॉजिटिव केस मिला। रांची के हिंदपीढ़ी स्थित मस्जिद में ठहरी मलेशिया मूल की महिला में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हो गई है।

मलेशिया मूल की यह महिला उसी टीम में शामिल थी जिसे रांची पुलिस ने सोमवार को हिंदीपीढ़ी के मस्जिद से पकड़ा था। इन सभी को होटवार स्थित खेलगांव के एक स्टेडियम में क्वारेंटाइन कर रखा गया था। इस दौरान इस महिला में कोरोना के लक्षण मिलने पर उसके स्वाब की जांच कराई गई जिसमें संक्रमण होने की बात सामने आई।इस टीम में कुल 24 लोग शामिल थे। बताया जाता है कि यह टीम तबलीगी मरकज से जुड़ी है जो इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए रांची आई हुई थी। इनमें से आठ लोग 17 मार्च को जबकि नौ लोग 18 मार्च को ट्रेन से रांची पहुंचे थे। ये सभी मस्जिद में छिपे थे।

पांच किमी परिधि में रहनेवाले सभी लोगों की होगी जांच

जिस मस्जिद या कमरे में कोरोना संक्रमित विदेशी महिला ठहरी थी उसके 5 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले सभी लोगों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच होगी। सर्दी, खांसी या बुखार के किसी प्रकार के लक्षण मिलने पर उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा और उनके स्वाब की जांच की जाएगी ताकि कोरोना के होने की पुष्टि हो सके। इसी तरह राजधानी एक्सप्रेस के जिस बी-1 कोच में महिला ने सफर किया था उसमें सफर कर रहे हैं सभी लोगों, टीटी एवं अन्य रेल कर्मियों की भी जांच होगी। राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इनकी खोज शुरू कर दी है।

दोबारा हुई विदेशी महिला की जांच

मस्जिद में पकड़े जाने के बाद सोमवार को सभी 24 लोगों के सैंपल की जांच हुई थी। इनमें से सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। बाद में शक होने पर मलेशिया मूल की महिला की दोबारा जांच हुई जिसमें उसके पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई।

अब तक 290 लोगों की जांच, 278 की रिपोर्ट नेगेटिव

झारखंड में अबतक कुल 290 लोगों के सैंपल की जांच हुई है। इनमें से 278 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वही, एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 11 लोगों के सैंपल की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। जिन सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं आई है उनमें सभी पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां में लिए गए थे।

इधर रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राय महिमापत रे ने रांचीवासियों से अपील की है जो भी व्यक्ति 16 मार्च 2020 को दिल्ली से राजधानी एक्सप्रेस के B1 कोच में सफर कर रांची पहुंचे हैं, वह इसकी सूचना जिला प्रशासन को दें और आवश्यक रूप से अपनी जांच कराएं। हेल्‍पलाइन नंबर 1950 या 9431708333 पर जानकारी देने को कहा गया है।

सारी मेहनत पर फिरा पानी, बढ़ी मुश्किलें

झारखंड में कोरोना के मरीज मिलने से राज्य सरकार की सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। इससे राज्य सरकार की परेशानी भी काफी बढ़ गई है।इसका कारण यह है कि सरकार के पास कोई जानकारी नहीं है कि बाहर से आई यह टीम मस्जिद में  कितने लोगों से संपर्क में आई।  साथ ही ही जिस ट्रेन से ये लोग रांची पहुंचे, उनमें  कौन-कौन लोग यात्रा कर रहे थे। बता दें कि अभी तक झारखंड में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला था। इससे राज्य के लोग राहत की सांस ले रहे थे।

सामने आ रही जिला प्रशासन की लापरवाही और निष्क्रियता

रांची में कोरोना का पहला पॉज़िटिव केस मिलने से रांची जिला प्रशासन की लापरवाही और निष्क्रियता सामने आ रही है। तबलीगी मरकज की यह टीम ट्रेन से कैसे रांची पहुंची और उसकी जांच क्यों नहीं हो पाई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। यह टीम इतने दिनों तक मस्जिद में कैसे छुपी रहे इसे लेकर भी जिला प्रशासन के क्रियाकलापों पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि सोमवार को भी मंत्री आलमगीर आलम के निर्देश पर बसों से कई लोगों को साहिबगंज, पाकुड़, कोडरमा आदि जिलों में भेजे जाने को लेकर भी रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे सवालों के कटघरे में है।इसे लेकर राज्य सरकार ने उनसे जवाब तलब भी किया है।

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