हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- कोरोना जांच को कितने किट हैं मौजूद, 7 तक मांगा जवाब

रांची। कोरोना के मद्देनजर लोगों की स्क्रीनिंग, संदिग्धों की जांच, क्वारंटाइन की व्यवस्था और अस्पतालों में पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) की कमी पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी है। अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा के पत्र में जताई गई चिंता पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से इस संबंध में पूरा ब्योरा मांगा है। हाई कोर्ट ने इस पत्र को जनहित याचिका में तब्दील करते हुए सात अप्रैल को इसकी सुनवाई की अगली तारीख तय की है। शुक्रवार को चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मामले की सुनवाई की।
सरकार की तैयारी और पीपीई किट के संबंध में मांगी पूरी जानकारी
सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से पूछा है कि लॉक डाउन के बाद राज्य में दूसरे राज्यों से कितने लोग आए हैं। बाहर से आने वालों और संदिग्ध मरीजों के लिए राज्य में कितने क्वारंटाइन होम और आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। इनमें कितने लोगों को रखा गया हैं। स्क्रीनिंग के बाद कितने लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है। राज्य के अस्पतालों में कोरोना की जांच की क्या व्यवस्था है और कितने स्थान पर सैंपल जांच की जा रही है। पीपीई की कमी पर चिंता जताते हुए हाई कोर्ट ने पूछा है कि सरकार के पास अभी कितने वेंटिलेटर हैं और कितने की जरूरत राज्य सरकार को है। क्वारंटाइन सेंटर और होम सेंटर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं, ताकि वह स्थानीय लोगों के संपर्क में न आ सकें। क्वारंटाइन सेंटरों में कितने चिकित्सकों और पारा मेडिकल स्टॉफ को लगाया गया है। राज्य में अभी कितने पीपीई उपलब्ध हैं और कितने मंगाए जा रहे हैं। सभी संसाधन कब तक उपलब्ध हो जाएंगे। अदालत ने सरकार को सात अप्रैल तक पूरी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।
पत्र में कही बात सही, तो गंभीर समस्या
सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा के पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यदि राज्य के चिकित्सकों व मेडिकल स्टाफ को पीपीई किट नहीं दिए जाने वाली बात सही है, तो यह गंभीर समस्या है। सिन्हा ने अपने पत्र में राज्य में कोरोना की जांच केंद्र की संख्या बढ़ाकर लगातार जांच की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है ताकि अधिक से अधिक लोगों की जांच की जा सके। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि ऐसा नहीं है। शुरू में पीपीई किट की समस्या हुई थी, लेकिन राज्य में अभी करीब तीन हजार पीपीई किट हैं। इनमें 1040 पीपीई किट की आपूर्ति जिलों के सेंटर में की गई है। सरकार ने 70 हजार पीपीई मंगाने का ऑर्डर दिया है। पीपीई समेत कई और किट का वितरण केंद्र सरकार अपनी निगरानी में कर रही है। राज्यों की स्थिति और जरूरतों को देखते हुए उसकी सप्लाई की जा रही है। इस पर अदालत ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव से पूरी जानकारी मांगी है।






