सेना की बड़ी कार्रवाई, आतंकियों के लांचिंग पैड उड़ाए, पांच पाकिस्तानी सैनिक भी ढेर

श्रीनगर। नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने पर पाकिस्तानी सेना को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में भारतीय जवानों की जवाबी कार्रवाई में नीलम घाटी में पाकिस्तान के पांच सैनिक मार गिराए। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेड मुख्यालय को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा उसका एक लांचिंग पैड भी तबाह कर दिया। वहीं, भारतीय क्षेत्र में एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में भी शुक्रवार को संघर्ष विराम का उल्लंघन किया।
ANI✔@ANI
India carries out precision targeting of gun areas, terrorist launch pads and ammunition in response to unprovoked ceasefire violation by Pakistan in Keran Sector of Kupwara district. Reports of heavy damage on enemy side: Defence Spokesperson, Srinagar #JammuandKashmir
#WATCH Video shot from drone as Indian army precision targets Pakistani terror launch pads (video source: Indian Army)
इस पर भारतीय जवानों ने भी तोपखाने और मोर्टार का इस्तेमाल किया। इसमें पाकिस्तानी सेना की दोमेल चौकी के अलावा दुदनियाल में स्थित उसके ब्रिगेड मुख्यालय को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा एथमुकाम और दुदनियाल के बीच स्थित आतंकियों का लां¨चग पैड पूरी तरह तबाह हो गया। इसी लांचिंग पैड पर सुबह पाकिस्तानी सेना की गतिविधि देखी गई थीं। हालांकि, इसकी अधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी सेना के चार से पांच सैनिक मारे गए हैं या जख्मी हुए हैं। उन्होंने बताया कि शाम साढ़े चार बजे पाकिस्तानी बंदूकें पूरी तरह खामोश हो गई। गौरतलब है कि गत सप्ताह केरन सेक्टर के रास्ते ही पांच घुसपैठिए दाखिल हुए थे। इन्हें गत रविवार को हुई मुठभेड़ में मार रिाया था। हालांकि इस दौरान पांच सैन्यकर्मी भी शहीद हो गए थे। पिछले सप्ताह ही सुंदरबनी-नौशहरा सेक्टर में भी पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी, जिसमें छह जवान जख्मी हो गए थे। इस साल एक जनवरी से 23 फरवरी तक पाकिस्तान 646 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है।
सेना ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
पाकिस्तानी सेना ने तोपों से पथरा और इसके पास के गांवों को भी निशाना बनाया। गोलाबारी से पंजगाम, मलिकपोरा, टीसीपी हफरुदा और फरकियां इलाके में दहशत फैल गई। इसके अलावा बलवीर और गुलाब पोस्ट को निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें पूरी तरह नाकाम रही। गोलाबारी के मद्देनजर सेना ने नियंत्रण रेखा के अग्रिम इलाकों में बसे स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिया है। हालांकि, अधिकांश लोगों ने अपने घरों के आसपास बने निजी व सामुदायिक बंकरों में शरण ली है। नागरिक प्रशासन और सैन्य प्रशासन ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वह गोलीबारी पूरी तरह बंद होने के बाद ही बाहर आएं।