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कोरोना से जंग में संसाधन जुटाने के लिए योगी सरकार का फैसला, वेतन मिलेगा पर बढ़ा डीए जून के बाद

लखनऊ। Fight Against Corona Virus : कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में लागू लॉकडाउन के कारण राजस्व में आई कमी के बावजूद योगी सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को आश्वस्त किया है कि उनके वेतन, भत्ते व पेंशन का नियमित भुगतान होता रहेगा। वहीं सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के एरियर का भुगतान 30 जून के बाद ही होगा। इससे तय हो गया है कि सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों और पेंशनरों को पहली जनवरी 2020 से बढ़ी दर पर देय महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत का भुगतान जून के बाद ही हो सकेगा।

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बीती पहली जनवरी से चार प्रतिशत की बढ़ी दर से डीए स्वीकृत किया है। डीए के मामले में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समानता है। दूसरी ओर राजस्व में आयी कमी के कारण कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार ने नकदी प्रबंधन के लिहाज से कुछ महत्वपूर्ण लिए हैं। इन फैसलों के बारे में वित्त विभाग की ओर से शनिवार को सभी विभागों को शासनादेश जारी कर दिया गया है।

शासनादेश में कहा गया है कि सभी राज्य कर्मचारियों, बेसिक शिक्षा परिषद व सहायताप्राप्त शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों तथा स्वशासी संस्थाओं जिनके वेतन भुगतान के लिए राज्य सरकार अनुदान देती है, उनके कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, मानदेय व पेंशन के वचनबद्ध व्यय नियमित रूप से किये जाते रहेंगे। होमगार्ड, प्रादेशिक रक्षा दल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं के मानदेय व पारिश्रमिक का भुगतान भी नियमित रूप से होता रहेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, राजस्व और पुलिस विभागों के सभी आवश्यक व्यय भी नियमित रूप से किये जाते रहेंगे।

शासनादेश में कहा गया कि किसी भी प्रकार के एरियर का भुगतान 30 जून के बाद ही किया जा सकेगा। कोविड-19 की रोकथाम से जुड़े अन्य विभागों के आवश्यक खर्च भी नियमित रूप से किये जाते रहेंगे। वहीं वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि विभिन्न विभागों, संस्थाओं और निकायों की ओर से उप्र पावर कॉरपोरेशन और विद्युत वितरण निगमों को बिजली के बिल का नियमित भुगतान करना होगा ताकि इन मदों में राजस्व मिलता रहे। उन्हें नियमित रूप से भवन कर और जल कर का भुगतान भी करना होगा।

सभी विभागों को बड़े निर्माण कार्यों और जमीन खरीदने के बारे में वित्तीय स्वीकृतियां 30 जून तक वित्त विभाग की सहमति के बाद ही जारी करनी होंगी। केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्रांश के तौर पर प्राप्त धनराशि की वित्तीय स्वीकृतियां भी वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ही जारी की जाएंगी।

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