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Coronavirus: गिलगित क्षेत्र के वकीलों का आरोप, क्वारेंटाइन करने के बहाने बंधक बना रही पाक सरकार

गिलगिट। पाकिस्तान सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी, इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने COVID-19 महामारी का फायदा उठाते हुए गिलगिट क्षेत्र में स्थापना विरोधी वकीलों को बंद कर रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान का कहना है कि वह इन लोगों को क्वारेंटाइन करना कह रहे हैं।

एएनआई के बात करते हुए एस्टोर के वरिष्ठ वकील मोहम्मद बकर मेहदी ने पुष्टि की कि  क्वेरनटाइन करने के बहाने वकीलों को बंद किया जा रहा है। उनके नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए जा रहे हैं हालांकि, उन सभी का कोरोना वायरस के लिए किया गया परीक्षण नकारात्मक आया है। इसके बावजूद उन्हें बंद करके रखा गयाा है। मेहदी ने आगे कहा कि यह समस्या का समाधान नहीं है।

वकील ने कहा कि अधिकारियों को वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हमें उचित दवाएं और उपचार की सुविधा प्रदान करनी होगी। मेहदी ने कहा कि महामारी फैलने से पहले पीओके में भी उचित रोजगार और शिक्षा के अवसरों का अभाव था, लेकिन वायरस फैलने के बाद, इस क्षेत्र के लोगों को गरीबी जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा “जहां चीजें धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए कोई राहत कोष नहीं है। मैं यह नहीं कहूंगा कि मास्क और सैनिटाइज़र वितरित नहीं किए गए लेकिन कम मात्रा में।

मेहदी ने आगे बताया कि कोरोना वायरस ने यहां के लोगों के जीवन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर डाला है। इस तरह की परिस्थितियों के बीच, न तो पाकिस्तान सरकार और न ही राज्य सरकार वायरस फैलाने के लिए कोई उपाय कर रही है।

वकील ने साथ ही ये भी बताया कि हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह यहां कुछ कार्रवाई करे और चिकित्सा सुविधा स्थापित करे। हम आपके लोग हैं। आप वोट मांगने के लिए यहां आए थे। हम आपकी जिम्मेदारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 200-300 वकीलों ने राज्य सरकार को संबोधित एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कब्जे वाले क्षेत्र में उपरोक्त सुविधाओं के प्रावधान का अनुरोध किया गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि गिलगित बाल्टिस्तान से पहले से ही 216 सकारात्मक कोरोनावायरस के मामले सामने आए हैं, जबकि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घातक वायरस से 34 संक्रमण हुए हैं।

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