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विदेश

Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का शव पहुंचा मशहद, इमाम रजा दरगाह में होंगे सुपुर्द-ए-खाक

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का शव बुधवार को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद पहुंच गया। इससे पहले इराक के पवित्र शहरों नजफ़ और कर्बला में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। अब उन्हें मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद में शव का पहुंचना खामेनेई के अंतिम संस्कार जुलूस का आखिरी चरण है। इससे पहले ईरान और इराक में कई दिनों तक रस्में हुईं, जिनमें बड़े राजनीतिक और धार्मिक नेता शामिल हुए। अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए दोनों देशों में लोगों का जनसैलाब सड़कों पर उतर आया है।

नजफ और कर्बला में पूरी हुईं रस्में, जुटे दोनों देशों के नेता

इस हफ्ते की शुरुआत में, खामेनेई के शव को हवाई जहाज से इराक ले जाया गया था, जहां इराकी अधिकारियों ने शिया इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों—नजफ़ और कर्बला में रस्में पूरी कीं। इराक के प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजफ़ में हुए कार्यक्रमों में शामिल हुए। इराक में जुलूस के बाद, शव को ईरान ले जाया गया ताकि उन्हें उनके गृहनगर मशहद में दफ़नाया जा सके।

अमेरिकी सेना का ताजा हमला और ईरान का पलटवार

इस बीच तनाव भी चरम पर है। अमेरिकी सेना ने बुधवार सुबह ईरान पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में तीन जहाजों पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन पर जवाबी हमले किए हैं। दूसरी तरफ, खामेनेई का शव मंगलवार को नजफ़ पहुंचा, जिसे दुनिया भर के लाखों शिया मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहरों में से एक माना जाता है। खामेनेई की तस्वीरें लिए शोक मनाने वालों ने शव का स्वागत किया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत कई सीनियर अधिकारी शव को अपने साथ ले गए।

कांच के ताबूत में रखा गया शव, छलक पड़े लोगों के आंसू

शव को इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे में लिपटे हुए एक कांच के कवर वाले ताबूत में रखा गया था। सड़कों पर उतरे कुछ समर्थकों ने खुद को कोड़े मारकर दुख जताया, जबकि अन्य लोगों ने दुख और बदले की निशानी के तौर पर ईरानी झंडे लहराए। नजफ़ मदरसे के सीनियर स्कॉलर मुहम्मद तकी अल-हकीम ने पैगंबर मुहम्मद के चचेरे भाई और दामाद इमाम अली की दरगाह पर जनाजे की नमाज पढ़ाई। जैसे ही ताबूत को दरगाह में ले जाया गया, बड़ी भीड़ उसके पास जाने के लिए धक्का-मुक्की करने लगी।

‘हम वफादार रहेंगे और अपना कर्ज चुकाएंगे’

भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कुछ लोग ताबूत पर भी चढ़ गए, जबकि सुरक्षाकर्मी भीड़ को कंट्रोल करने की कड़ी कोशिश कर रहे थे। ताबूत उठाने वालों से कहा जा रहा था कि वे उसे जमीन के करीब रखें, ताकि वह कहीं गिर न जाए। जनाजे में शामिल हुए जाफर जवाद ने कहा, “हम, इराक के लोग, दुश्मनों की आंखों में कांटा बने रहेंगे। उनका (खामेनेई का) शरीर यहां आना हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है, और भगवान ने चाहा तो, हम वफादार रहेंगे और पवित्र शहर नजफ़ में उनका यह कर्ज चुकाएंगे।”

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