ब्रेकिंग
Gwalior Crime Report: ग्वालियर में दहलीज के भीतर 'लाडली' बेहाल; दहेज हत्या के मामले घटे, लेकिन घरेलू... Khargone News: खरगोन में वेदा नदी के पुराने पुल की प्लेट धंसी; वाहन गुजरते समय कांप रहा है ब्रिज, बड... Crime in Bhopal: राजधानी में खौफनाक वारदात! ई-रिक्शा चालक ने दोस्तों के साथ मिलकर युवक को चाकू से रे... AIIMS News: एम्स से मोहभंग! आखिर क्यों संस्थान छोड़ रहे हैं दिग्गज डॉक्टर्स? जानें इस्तीफे की 5 बड़ी... PM Modi in Bengaluru: "कांग्रेस सत्ता की भूखी है!" बेंगलुरु में पीएम मोदी का वार— कहा, मौका मिलते ही... Shocking Murder: मासूम भतीजे की कातिल निकली बड़ी मम्मी; जान से मारकर कचरे में छिपाया शव, पुलिस ने कि... Sultanpur Crime: पति गया था बेटे-बहू से मिलने, पीछे से बुजुर्ग पत्नी की बेरहमी से हत्या; सुल्तानपुर ... IPL 2026: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के आगे बेबस हुए गेंदबाज! दिग्गज राशिद खान ने ऐसे किया शिकार, वीडि... Raja Shivaji Box Office Day 9: रितेश देशमुख की 'राजा शिवाजी' ने पकड़ी रफ्तार; दूसरे शनिवार को की जबर... Pakistan Terror Attack: पाकिस्तान में पुलिस स्टेशन पर बड़ा आतंकी हमला; फिदायीन धमाके में 3 पुलिसकर्म...
मध्यप्रदेश

भयानक हादसा! मरीज ने निगल लिया नुकीला रैपर, आहार नली की भीतरी परत पर बने गंभीर घाव, थोड़ी देर होती तो फट जाती नली

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मरीज ने अनजाने में दवा के साथ रैपर भी निगल लिया. करीब एक सेंटीमीटर के रैपर आहार नली में जाकर फंस गया और इस वजह से खाने पीने में मरीज को बेहद तकलीफ होने लगी. हालत बिगड़ने पर मरीज भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी के जरिए रैपर बाहर निकाल दिया.

दरअसल, 57 वर्षीय एक मरीज ने करीब एक माह पहले अनजाने में दवा को उसके रैपर सहित निगल लिया था, जो उनकी आहार नली (Esophagus) के निचले हिस्से में जाकर फंस गया था. इसके कारण मरीज को भोजन और पानी निगलने में गंभीर कठिनाई हो रही थी.

बीएमएचआरसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने मरीज की एंडोस्कोपी की सलाह दी. जांच के दौरान पता चला कि आहार नली के निचले हिस्से में करीब 1 सेंटीमीटर का दवा का रैपर फंसा हुआ है. गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विशाल पाटिल और उनकी टीम ने एंडोस्कोपी के माध्यम से सावधानीपूर्वक रेपर को बाहर निकाला.

डॉ. पाटिल ने बताया कि दवा के रैपर का किनारा नुकीला होने के कारण आहार नली की भीतरी परत में कई स्थानों पर घाव हो गया था. अगर इसे कुछ और दिन नहीं निकाला जाता, तो आहार नली फटने की आशंका थी. इससे मरीज की जान को खतरा हो सकता था.

डॉ. ने आगे बताया कि बच्चों के सिक्का या खिलौना निगल लेने और वयस्कों के दांत या हड्डी निगलने जैसे मामले तो कभी-कभी आते हैं, लेकिन दवा का पूरा रैपर निगल जाने का यह मामला अत्यंत दुर्लभ है और पहली बार सामने आया है. वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है.

इनका कहना
BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि यह एक अत्यंत दुर्लभ और चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण मामला था. मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन हमारे डॉक्टरों की तत्परता और कुशलता से यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई.

Related Articles

Back to top button