ब्रेकिंग
Lucknow Fire Tragedy: अलीगंज की बिल्डिंग में भीषण आग; एसी डक्ट से फैली लपटों ने ली 15 जिंदगियां Ujjain Gaya Kotha Tirth: उज्जैन के गयाकोठा तीर्थ का बदलेगा स्वरूप; विकास कार्यों के लिए मिले 6.7 करो... Madhya Pradesh News: ट्रांसफर नियमों का उल्लंघन? एमएसएमई और पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठता को लेकर बढ़ा विव... Gwalior JAH Hospital News: जया आरोग्य अस्पताल में पार्किंग के नाम पर खुली लूट; खुद अस्पताल के डॉक्टर... Gwalior Coaching Fire Safety: ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा राम भरोसे; केवल 3 के पास फायर... MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में 10 दिन में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; जानें आदिवासियों ... Gwalior News: डीएलएड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी का खुलासा; चाचा दे रहा था भतीजे की जगह परीक्षा, प... Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; 'लोन वुल्फ' मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिम... Mephedrone Drugs Network: भोपाल में ड्रग्स बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़; हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ... Seoni Jumbo Sitaphal GI Tag: सिवनी के सीताफल को मिला GI टैग; अब दुनिया भर में बिखेरेगा अपने स्वाद का...
मध्यप्रदेश

खजुराहो में यूरोप के सैलानी बैलगाड़ी पर दिल हारे, लग्जरी कार छोड़ हिचकोले सफर पर निकले

छतरपुर: विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में ठंड बढ़ते ही विदेशी पर्यटकों की आवक तेजी हो गई है. इसी बीच शनिवार को कुछ विदेशी पर्यटकों का देसी अंदाज भी देखने मिला, जब एक विदेशी परिवार अपनी लग्जरी कार छोड़कर बैलगाड़ी में सवार हो गया और खजुराहो घूमने निकल पड़ा. सड़क पर फिरंगियों को बैलगाड़ी में देख ग्रामीण और राहगीर भी अचरज में पड़ गए और उनका वीडियो बनाने लगे.

लग्जरी कार छोड़कर बैलगाड़ी की सवारी

देश-दुनिया में मध्य प्रदेश का खजुराहो अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं. दुनियाभर से पर्यटक खजुराहो में यहां की सांस्कृति विरासत और प्रकृति के मनमोहक नजारों को करीब से देखने आते हैं. खजुराहो में चन्देल राजाओं द्वारा हजारों साल पहले बनाए गए मंदिर वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल हैं. यही वजह है कि दुनिया के कई देशों से लोग इनका दीदार करने पहुंचते हैं. शनिवार को स्विट्जरलैंड से आए विदेशी पर्यटक मिकेल मोरेल व रमोना यहां के वातावरण से इतने प्रभावित गुए कि अपनी लग्जरी गाड़ियों को छोड़कर बैलगाड़ी में सवार हो गए.

इस वजह से बैलगाड़ी में सवार हुए विदेशी

मिकेल और उनका परिवार बैलगाड़ी में बैठकर खजुराहो की ग्रामीण परंपरा, रहन-सहन, बुंदेलखंड की बोली, रीति-रिवाज, खानपान को और करीब से जानने निकल पड़ा. मिकेल और रमोना ने इस दौरान कहा कि वे यहां के सरल सामाजिक जीवन से इतने प्रभावित हुए कि खुद को रोक नहीं पाए और यहां के वातावरण में पूरी तरह घुल-मिलने के लिए उन्होंने बैलगाड़ी से सफर करने का प्लान बनाया.

बैलगाड़ी से घूमकर विदोशी हुए गदगद

बैलगाड़ी से भ्रमण के दौरान विदेशी पर्यटक बेहद खुश नजर आए और उन्होंने बुंदेलखंड की सादगी व मेहमान नवाज़ी की खुलकर तारीफ की. इस दौरान स्विट्जरलैंड से आए मिकेल ने कहा, ” भारत अपने आप में अद्भुत है, वहीं खजुराहो आकर ऐसा लगा जैसे जिंदगी थम सी गई हो. यह मेरे जीवन का अद्भुत पल है.” वहीं, रमोना ने कहा, ” पहली बार हमने ऐसी सवारी की है और ये रोमांचक अनुभव है. खजुराहो में हुई मेहमान नवाजी से हम सभी बहुत खुश हैं.”

वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है खजुराहो

यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल खजुराहो में प्राचीनकाल के मंदिर, मंदिरों की नक्काशियां, कलाकृतियां पर्यटकों को खासा आकर्षित करती हैं. इसके साथ ही यहां के ग्रामीण क्षेत्रों का खानपान, बुंदेली परंपराएं और पहनावा भी यहां की सांस्कृति विरासत को संजोय हुए है. यही वजह है कि देश से ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से बड़ी संख्या में लोग खजुराहो पहुंचते हैं. वहीं, ठंड के मौसम में यहां विदेशी सैलानियों की संख्या काफी बढ़ जाती है.

Related Articles

Back to top button