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मध्यप्रदेश

सीनियर करतीं थीं टॉर्चर, जूनियर्स की शिकायत पर 3 सस्पेंड, इंदौर डेंटल कॉलेज में रैगिंग पर बड़ा एक्शन

इंदौर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला अभी थमा ही नहीं था कि दूसरा मामला इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज से सामने आया है. यहां पर एमडीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स ने यूजीसी को रैगिंग के संबंध में शिकायत की, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने बड़ा एक्शन लिया है. शासकीय डेंटल कॉलेज प्रबंधन द्वारा जांच कर तीन सीनियर छात्राओं को सस्पेंड कर दिया गया है.

इस तरह रैगिंग कर रही थीं सीनियर छात्राएं

शासकीय डेंटल कॉलेज एमडीएस प्रथम वर्ष की छात्राओं द्वारा यूजीसी को रैगिंग के संबंध में एक मेल भेजा गया था. इस मेल में उन्होंने जानकारी दी कि कॉलेज की ही डेंटल की सीनियर छात्राएं उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं. वह उनसे डिपार्टमेंट खोलने का काम करवाती हैं और शाम को छुट्टी होने के बाद भी काफी देर तक कॉलेज में ही बिठाए रखती हैं. साथ ही जब खाना खाने की बारी आती है तो सीनियर के द्वारा बाद में खाने का दबाव बनाया जाता है.

यूजीसी के दखल के बाद कॉलेज प्रबंधन का एक्शन

जैसे ही यूजीसी को पूरे मामले की जानकारी लगी तो अधिकारियों ने कॉलेज प्रबंधन को इस पूरे मामले से अवगत करवाया. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने जूनियर छात्राओं की शिकायत पर रैगिंग की आरोपी तीन छात्राओं की जांच पड़ताल शुरू की. जांच पड़ताल के दौरान सीनियर छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन को यह जवाब दिया कि उन्होंने सिर्फ अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की हरकत की थी. इस पर कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को बताया कि अनुशासन बनाने के लिए इस तरह का दबाव बनाना भी रैगिंग की श्रेणी में आता है.

इसके बाद इस पूरे मामले में तीन छात्राओं को शासकीय डेंटल कॉलेज के द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है.

डेंटल फर्स्ट ईयर में केवल 6 छात्र

शासकीय डेंटल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर अलका गुप्ता ने बताया, ” रैगिंग से संबंधित शिकायत कॉलेज की जूनियर छात्राओं द्वारा यूजीसी को की गई थी. उसी के बाद जांच कर तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भी यूजीसी को दे दी गई है.” इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज के एमडीएस प्रथम वर्ष की बैच में 6 ही छात्र हैं, जिसमें एक छात्र और 5 छात्राएं हैं और इन्हीं लोगों ने तीन सीनियर छात्राओं की रैगिंग को लेकर शिकायत की थी.

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