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छत्तीसगढ़

भिलाई में पुलिस भर्ती के नाम पर बड़ी ठगी, लगभग 11 साल बाद आरोपी पर FIR

दुर्ग: भिलाई में पुलिस भर्ती के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित ने इसकी शिकायत साल 2013- 14 में भिलाई पुलिस से की थी, लेकिन मामले में अब सालों बाद आरोपी पर एफआईआर दर्ज की गई है.

पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि पीड़ित का नाम कमल साहू है, जो ग्राम डूडेंरा, थाना उतई क्षेत्र का निवासी है. वर्ष 2012 में जिला बलौदाबाजार में निकली पुलिस भर्ती के दौरान उसकी पहचान मोरिद निवासी शोभाराम साहू से हुई. शोभाराम ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए बेटे को आरक्षक पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और इसके बदले 3.50 लाख रुपये मांगे. पीड़ित ने 8 जून 2012 को पूरी रकम आरोपी को सौंप दी.

साल 2013- 14 में भिलाई पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए इकरारनामा भी कराया और बाद में स्टाम्प पेपर पर रकम लौटाने का लिखित आश्वासन दिया, लेकिन तय तारीखें बीत जाने के बावजूद ना पुलिस की नौकरी लगी ना रुपये वापस मिले. जिसके बाद पीड़ित ने साल 2013- 14 में भिलाई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

सालों बाद पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद FIR

पीड़ित का आरोप है कि शिकायत करने पर उसे धमकाया गया और मामला दबाने की कोशिश की गई. ये भी कहा कि आरोपी का भाई उतई थाने में पदस्थ होने से कार्रवाई नहीं हो पा रही थी. जिसके बाद कमल साहू ने एसपी दुर्ग से शिकायत की. जिसके बाद मामला दर्ज किया गया.

भिलाई पुलिस कर रही आरोपी की तलाश

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि आरक्षक में भर्ती के नाम पर उससे शोभाराम साहू ने 3 लाख 20 हजार रुपये लिए थे. कमल साहू ने काफी समय के बाद भी नौकरी नहीं दिलाने पर एक लिखित एग्रीमेंट के आधार पर अपने पैसे वापस मांगे. पैसे वापस नहीं मिलने पर कमल साहू ने भिलाई नगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामले में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 420 के तहत ठगी का अपराध दर्ज किया गया है. आरोपी की तलाश की जा रही है.

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