ब्रेकिंग
Delhi Police Controversy: प्रदर्शनों के दौरान वकीलों और नागरिकों की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, आप... IMD Weather Update: उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर, दिल्ली में भारी बारिश और जलभराव से जनजीवन... MP Administration Update: जबलपुर में अवैध डीजे और तेज साउंड सिस्टम पर पुलिस का शिकंजा, गाड़ियों समेत... Ujjain Police News: पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए उज्जैन में आयोजित हुआ 'योग फॉर मेंटल हे... MP Traffic Advisory: सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के चलते पवई में रूट डायवर्जन, भारी वाहनों का प्रवेश प... Madhya Pradesh News: प्रदेश के खनिज वाहनों में लगेंगे फास्टैग, कंप्यूटराइज्ड निगरानी से रुकेगी राजस्... Khandwa Medical College: पोस्टमार्टम में देरी पर भड़के परिजन, अस्पताल परिसर में किया भारी हंगामा Nalkheda Temple Security: एसपी दिलीप कुमार सोनी ने किया पुलिस चौकी का शुभारंभ, लंबे समय की मांग हुई ... Chitrakoot News Today: कानपुर से दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर को... Balaghat News Today: 2009 से फर्जी मेडिकल डिग्री पर दे रहा था सेवा, बिरसा में पूर्व बीएमओ के खिलाफ प...
छत्तीसगढ़

शिक्षक (कृषि) भर्ती में B.Ed. अनिवार्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की योग्यता में छूट की मांग, 65 अभ्यर्थियों को झटका

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक (कृषि) के पद पर भर्ती के लिए B.Ed. की अनिवार्य योग्यता में एकमुश्त छूट देने की अभ्यर्थियों की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, पात्रता मानदंड और सेवा शर्तें निर्धारित करना पूर्णतः राज्य सरकार एवं सक्षम नियम बनाने वाले प्राधिकारी का अधिकार क्षेत्र है। न्यायालय किसी भी भर्ती के लिए तय अनिवार्य योग्यता में अपनी ओर से कोई नई छूट या अपवाद नहीं बना सकता।

📜 65 अभ्यर्थियों ने लगाई थी याचिका: ‘नियम बदलने के बाद नहीं मिला पर्याप्त समय’

मामले की पृष्ठभूमि और अभ्यर्थियों के तर्क:

  • 2019 के पुराने नियम: वर्ष 2019 से लागू पात्रता व्यवस्था के तहत शिक्षक (कृषि) के पद के लिए B.Ed. की बाध्यता नहीं थी।

  • डिवीजन बेंच का पिछला निर्देश: ‘अशोकानंद पटेल बनाम छत्तीसगढ़ राज्य’ मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पूर्व में दी गई छूट को असंवैधानिक घोषित करते हुए राज्य सरकार को NCTE Regulations, 2014 के अनुरूप B.Ed. योग्यता अनिवार्य करने का निर्देश दिया था।

  • 13 फरवरी 2026 की अधिसूचना: राज्य सरकार ने नए नियमों के तहत 13 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी कर कृषि शिक्षक पद के लिए B.Ed. को अनिवार्य कर दिया।

  • अभ्यर्थियों की दलील: 28 जुलाई 2026 को शॉर्ट विज्ञापन जारी होने और 2 सितंबर 2026 अंतिम तिथि होने के कारण 65 अभ्यर्थियों ने अदालत से गुहार लगाई थी कि पाठ्यक्रम में 2 वर्ष का समय लगता है, इसलिए उन्हें इस बार बिना B.Ed. शामिल होने और चयन के बाद योग्यता हासिल करने का अवसर दिया जाए।

🏛️ राज्य सरकार और चयन बोर्ड ने किया कड़ा विरोध

प्रशासनिक रुख:

  • डिवीजन बेंच के आदेश का पालन: राज्य शासन और छत्तीसगढ़ स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड की ओर से दलील दी गई कि B.Ed. की अनिवार्यता न्यायालय के पूर्व आदेश और NCTE के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है।

  • समानता का नियम: अनिवार्य योग्यता में न्यायालय द्वारा किसी विशेष वर्ग को छूट देना भर्ती प्रक्रिया के मूल नियमों के विरुद्ध होगा।

👩‍⚖️ पात्रता तय करना सरकार का अधिकार, व्यक्तिगत सुविधा के लिए नहीं मिल सकती छूट

हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां:

  • योग्यता निर्धारण का अधिकार: पीठ ने टिप्पणी की कि भर्ती की न्यूनतम योग्यताएं तय करना कार्यपालिका का काम है; अदालत अपनी राय को सरकार की पात्रता शर्तों के ऊपर नहीं थोप सकती।

  • अनुच्छेद 226 का दायरा: संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा का दायरा केवल निर्णय प्रक्रिया की संवैधानिकता, मनमानी या वैधानिकता की जांच तक सीमित है।

  • याचिका खारिज: कोर्ट ने अभ्यर्थियों को एक बार की अंतरिम या संक्रमणकालीन छूट देने से इनकार करते हुए याचिका को मोशन स्टेज पर ही खारिज कर दिया।

Related Articles

Back to top button