वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन का दूसरा चरण शुरू, शौर्य और एकता का संदेश लेकर नई दिल्ली के लिए रवाना हुए एनसीसी कैडेट्स

रांचीः राजधानी रांची के बिरसा मुंडा संग्रहालय स्मृति पार्क से रविवार को वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन के दूसरे चरण की शुरुआत की गई. इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उनके साथ रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, भारतीय सेना के जवान, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, एनसीसी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे. कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति से जुड़े रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया. इसके बाद 16 एनसीसी कैडेट्स को हरी झंडी दिखाकर नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया.
लगभग 1300 किमी की यात्रा
साइक्लोथॉन का दूसरा चरण पहले चरण की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण बनाया गया है. इस चरण में रांची से नई दिल्ली तक लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की जाएगी. यह यात्रा 28 दिसंबर 2025 को बिरसा मुंडा कारागार परिसर, रांची से प्रारंभ की गई. जिसे झारखंड के राज्यपाल द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. लगभग 20 दिनों तक चलने वाली इस साइकिल यात्रा के दौरान दल झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से होकर गुजरते हुए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचेगा.
16 एनसीसी कैडेट्स शामिल
इस चरण में दो एनसीसी अधिकारी, दो स्थायी कर्मचारी और 16 एनसीसी कैडेट्स को शामिल किया गया है, जिनमें बालिका कैडेट्स भी शामिल हैं. ये सभी कैडेट्स झारखंड के युवा प्रतिनिधि के रूप में देशभर में एकता, अनुशासन और साहस का संदेश देंगे. यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय लोगों से संवाद किया जाएगा और उन्हें धरती आबा वीर बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से अवगत कराया जाएगा.
शौर्य के कदम, क्रांति की ओर
एनसीसी निदेशालय बिहार एवं झारखंड और एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के नेतृत्व में आयोजित वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन केवल एक साइकिल यात्रा नहीं, बल्कि इतिहास, प्रेरणा और राष्ट्रसेवा से जुड़ा एक व्यापक अभियान बताया गया है. ‘शौर्य के कदम, क्रांति की ओर’ थीम पर आधारित इस आयोजन का उद्देश्य महान जनजातीय नायक धरती आबा वीर बिरसा मुंडा को सम्मान देना और युवाओं में देशभक्ति, एकता और सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत करना है.
आपको बता दें कि साइक्लोथॉन का पहला चरण 18 से 20 दिसंबर 2025 तक झारखंड में आयोजित किया गया. इस दौरान साइक्लोथॉन तीन अलग-अलग मार्गों से होकर उन स्थानों तक पहुंचा, जो वीर बिरसा मुंडा के जीवन और आंदोलन से जुड़े रहे हैं. पहले चरण में तीन एनसीसी अधिकारी, तीन स्थायी कर्मचारी और 24 एनसीसी कैडेट्स को शामिल किया गया था. जिनमें बालिका कैडेट्स की भी सक्रिय भागीदारी रही. पहले चरण का समापन मोरहाबादी मैदान रांची में किया गया, जहां एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा साइक्लोथॉन का औपचारिक स्वागत किया गया.
साइक्लोथॉन का समापन 27 जनवरी को
दूसरे चरण के माध्यम से यह अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. साइक्लोथॉन का समापन 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान एक भव्य समारोह के साथ किया जाएगा. इसे धरती आबा वीर बिरसा मुंडा को राष्ट्रीय स्तर पर दी जाने वाली एक गरिमामयी श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है.
वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन को केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं को जोड़ने, प्रेरित करने और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने वाले जनआंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया गया है. हर पैडल के साथ बलिदान, सेवा और शक्ति का संदेश देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा.






