ग्वालियर मेला द्वार पर युवक को तेज रफ्तार कार ने उड़ाया, रूह कंपाने वाला CCTV फुटेज

ग्वालियर : ग्वालियर व्यापार मेला द्वार के ठीक सामने सड़क हादसे में युवक की मौत के 24 घंटे बाद परिजनों ने शव रखकर घटनास्थल पर चक्का जाम कर दिया. परिजनों का आरोप है कि सोमवार दोपहर हुई मौत के बाद भी पुलिस ने न तो आरोपी वाहन चालक को गिरफ़्तार किया है न ही किसी तरह की कोई कार्रवाई की. पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों समझाइश के बाद मुश्किल से 3 घंटे बाद चक्काजाम खत्म हो सका.
नौकरी के लिए मेले में इंटरव्यू देने गया था युवक
ग्वालियर व्यापार मेले में नौकरी की तलाश में इंटरव्यू देने आए मुकेश को नहीं पता था कि ना उसे नौकरी मिलेगी ना घर वापसी होगी. क्योंकि मेला पार्किंग से परिसर तक का सफर उसके जीवन का आखिर सफ़र बनने वाला था. मुकेश कुशवाह प्राइवेट स्कूल में टीचर था और अतिरिक्त समय में इनकम के लिए ग्वालियर व्यापार मेले के एक शोरूम पर इंटरव्यू देने आया था. उसने पार्किंग में अपनी बाइक लगायी और मेले की ओर चल दिया.
कार की टक्कर से 15 मीटर दूर गिरा युवक
पार्किंग एरिया से निकालकर जैसे ही मुकेश सड़क पार करने लगा तो इसी बीच तेज रफ़्तार लक्ज़री कार ने उसे टक्कर मार दी. ये टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक करीब 15 मीटर दूर तिराहे गोलंबर पर गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद भी आरोपी कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और मौके से फरार हो गया. जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची पतासाजी कर मृतक के परिजनों को सूचित किया.
पुलिस पर फूटा परिजन का गुस्सा
मंगलवार को मृतक के परिजन शव के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और चक्काजाम कर दिया. परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने घटना के घंटों बाद भी पोस्टमार्टम नहीं कराया. एक्सीडेंट करने वाले वाहन या वाहन चालक को पकड़ने की कोई कोशिश 24 घंटे बीतने के बाद भी नहीं की गई.
मृतक मुकेश कुशवाह के साढ़ू शुभम शिंदे ने बताया ” हादसा इतना भीषण था कि मुकेश की 8 पसलियां टूटी. दिमाग़ की नस फट गई और पूरी खोपड़ी खुल गई. मौके पर ही मौत हो गई. लेकिन प्रशासन की लापरवाही देखिए कोई कार्रवाई नहीं की गई. सीसीटीवी लगे हैं लेकिन पुलिस गाड़ी का पता नहीं लगा पायी.”
पीड़ित परिजनों की मांगों पर आश्वासन
ग्वालियर सीएसपी अतुल सोनी का कहना है “सोमवार को दोपहर 3 बजे के करीब सूचन मिली थी कि अज्ञात वाहन ने व्यक्ति को टक्कर मार दी है, जो अपनी बाइक पर्किंग में लगा कर जा रहा था. डिवाइडर में टकराने से उसकी मौत हो गई है. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया और मर्ग कायम किया गया.”
“शाम का समय हो चुका था तो अस्पताल नियम के अनुसार बिना परिजन की मौजूदगी पोस्टपार्टम नहीं किया जा सकता था. इसलिए मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजन को सौंपा गया. पीड़ित परिजनों की मांग पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.”






