ब्रेकिंग
NEET Paper Leak Case: सीबीआई का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड शुभम खैरनार के पास 27 अप्रैल को ही पहुंच गय... Delhi Auto-Taxi Strike: दिल्ली में 21 से 23 मई तक ऑटो-टैक्सी की महाहड़ताल; जानें क्यों बंद रहेंगे कम... Moradabad Sonu Murder Case: मुरादाबाद के चर्चित सोनू हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मंगेतर समेत ... पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े तो झारखंड के सरकारी टीचर ने अपनाई अनोखी राह, बाइक छोड़ घोड़े से पहुंचे जनगण... बिजनौर धर्मांतरण मामला: रोजगार के बहाने श्रीनगर ले जाकर नाबालिग को पढ़वाया कलमा; पूर्व सांसद के साथ ... Twisha Sharma Case: 'I Am Trapped' मौत से ठीक पहले ट्विशा का आखिरी मैसेज; कजिन और मौसी ने किए रोंगटे... West Bengal Politics: ममता बनर्जी अपने बूथ पर भी हारीं, उनका सियासी करियर खत्म; मुख्यमंत्री शुभेंदु ... Bird Flu in Maharashtra: महाराष्ट्र के नंदुरबार में बर्ड फ्लू का पहला संदिग्ध ह्यूमन केस; कर्मचारियो... Katni-Maihar Highway Accident: मैहर जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्राली को ट्रक ने 3 बार मारी टक्क... Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में सामने आए 2 संदेहास्पद CCTV फुटेज, शव नीचे लाते दिखे प...
मनोरंजन

कनिका कपूर का एंटीजेन टेस्ट निगेटिव, प्लाज्मा देने के लिए अब फिट

लखनऊ। कोरोना वायरस के संक्रमण से बड़ी जंग जीतने वाली बेबी डॉल कनिका कपूर अब इससे संक्रमित लोगों को राहत दे सकती हैं। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में कनिका में कोरोना एंटीजेन टेस्ट हो गया है। यह निगेटिव आया है।

बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर अब किसी भी कोविड-19 संक्रमित को अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकेंगी। लखनऊ के केजीएमयू में सोमवार को कोरोना एक संक्रमित को प्लाज्मा की डोज दी गई है, जिससे उसकी हालत में सुधार हो रहा है। केजीएमयू में कोरोना संक्रमित को पहली बार प्लाज्मा थेरेपी दी गई।

कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद 20 अप्रैल को घर में अपना 14 दिन का क्वारंटाइन पूरा करने के बाद अब कनिका कपूर अपनी इमेज बदलने के लिए बेताब हैं। उन्होंने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को अपना प्लाज्मा देने की पेशकश की तो सोमवार को उनका ब्लड सैंपल लिया गया। मंगलवार को सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद अब वह प्लाज्मा देने के लिए फिट हैं। कनिका में कोरोना एंटीजेन टेस्ट हो गया है। यह निगेटिव आया है। ऐसे में प्लाज्मा देने के लिए अब फिट हैं। अब वह जल्दी ही केजीएमयू में जाकर अपना प्लाज्मा दे सकती हैं। किस दिन देंगी,अभी यह तय नहीं है।

कोरोना संक्रमण के बाद भी वीवीआइपी पाॢटयां करके चर्चा में आईं बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर अब स्वस्थ होने के बाद प्लाज्मा दान करेंगी। माना जा रहा है कि यह कदम वह अपनी छवि सुधारने के लिए उठा रहीं हैं। बीते माह उन्होंने शहर को खतरे में डाल दिया था। लंदन से लौटने के बाद वे कई हाई प्रोफाइल पाॢटयों में शरीक हुईं। इतना ही नहीं, संजय गांधी पीजीआई में इलाज के दौरान भी उन्होंने हंगामा किया था। अब समाजसेवा की यह पहल वह बहुत सोच-समझ कर रही हैं। कनिका कपूर ने केजीएमयू में प्लाज्मा थेरेपी की सुॢखयां अखबारों में पढ़ीं। इसमें प्लाज्मा दान करने वाली शहर की पहली कोरोना मरीज को वाहवाही भी मिली। ऐसे में फिलहाल एकाकी जीवन बिता रहीं सिंगर भी आगे आईं।

सोमवार दोपहर ढाई बजे के करीब ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा को उन्होंने फोन किया। उनसे प्लाज्मा दान करने की इच्छा जाहिर की। डॉक्टर चंद्रा के मुताबिक, उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद लोग उनसे संपर्क करने से बच रहे हैं। वह दूरी बना रहे हैं। ऐसे में अब मैं प्लाज्मा दान कर न सिर्फ दूसरे की मदद कर सकूंगी, बल्कि लोगों को स्वस्थ होने का संदेश भी दूंगी। सोमवार को ही कनिका का ब्लड व स्वैब सैंपल घर से कलेक्ट कर लिया गया है। उनका कोरोना का फिर टेस्ट हो गया है। इसके अलावा वायरल लोड व रक्त संबंधी सभी जांचें भी हो गई हैं। माना जा रहा था कि सभी रिपोर्ट सामान्य आने पर मंगलवार को वह प्लाज्मा दान करेंगी, लेकिन आज उनका कोई कार्यक्रम नहीं है।

11 मार्च को लखनऊ में कदम रखकर मचाई हलचल

बॉलीवुड सिंगर कनिका लंदन से लौटी थीं। 11 मार्च वह लखनऊ आईं। इस दौरान उन्होंने क्वारंटाइन नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। शहर में हाईप्रोफाइल पाॢटयां कीं। 19 मार्च को घर से उनके स्वैब का कलेक्शन किया गया। 20 मार्च को केजीएमयू की जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। छह अप्रैल को वह पीजीआइ से डिस्चार्ज हुईं। कनिका कपूर के खिलाफ लखनऊ में चार केस भी दर्ज हैं। अब वह 30 अप्रैल को पुलिस को अपना बयान दर्ज कराएंगी। सरोजनीनगर थाना से इस मामले की जांच करे रहे अधिकारी ने सोमवार को कनिका के आवास पर जाकर उनसे संपर्क किया और इस बात की जानकारी दी।

उनको गुरुवार सुबह 11 बजे सरोजनीनगर थाने में बुलाया गया है। पुलिस से कनिका ने सोमवार को कहा कि वह चाहे तो तुरंत उनका बयान दर्ज कर सकती है। इस पर पुलिसकॢमयों ने कहा कि वह उन्हेंं जानकारी देने आए हैं। बयान दर्ज कराने के लिए उन्हेंं थाने आना होगा। कनिका कपूर ने पुलिसकॢमयों से कहा कि उन्हेंं अगर सिर्फ इस बात की जानकारी देने आना था तो वह किसी और माध्यम से भी दे सकते थे। इसके बाद कनिका ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस के आने से लोग फिर से नई-नई कहानियां गढ़ेंगे। इस पर पुलिसकॢमयों ने बताया कि यह उनकी न केवल जिम्मेदारी है, बल्कि विवेचना की प्रक्रिया है और वह लोग अपना काम कर रहे हैं। इस पूरे बातचीत की किसी ने वीडियो भी बना ली थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। कनिका कपूर के खिलाफ महामारी अधिनियम और लॉकडाउन के उल्लंघन की एफआइआर दर्ज की गई है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सफाई दी थी और कहा था कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है।

कोरोना वायरस पॉजिटिव की जानकारी छुपाने के कारण कानूनी शिंकजे में फंसी कनिका कपूर को लखनऊ पुलिस ने उन्हेंं नोटिस भेजा है। उनको धारा 141 और 160 के तहत नोटिस दी गई है। 30 अप्रैल की सुबह 11 बजे सरोजनी नगर पुलिस स्टेशन में कनिका कपूर के बयान दर्ज होंगे। कल ही कनिका कपूर को पेश होने का नोटिस दिया गया है। सरोजिनी नगर थाने से चौकी इंचार्ज जग प्रसाद नोटिस लेकर कनिका के घर पहुंचे थे, जिसे कनिका ने खुद नोटिस रिसीव किया था।

लखनऊ में दी गई संक्रमित को प्लाज्मा थेरेपी 

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में रविवार रात पहली बार कोरोना संक्रमित मरीज को प्लाज्मा थेरेपी दी गई। इसके बाद वेंटीलेटर पर भर्ती मरीज की हालत में सुधार हो रहा है। उनके शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी सक्रिय हो गई है। जांच में इसकी पुष्टि हुई है। केजीएमयू में शुक्रवार को उरई के कोरोना पॉजिटिव चिकित्सक को भर्ती कराया गया था। डायबिटीज से पीडि़त चिकित्सक की कोरोना वायरस के चलते हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया। वहीं, लखनऊ की एक ठीक हो चुकी पहली मरीज का 200 एमएल प्लाज्मा संक्रमित मरीज को चढ़ाया गया। ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा के मुताबिक रविवार को मरीज का एंटीबॉडी टेस्ट किया गया। मरीज के शरीर में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी मिली हैं।

आइजीजी एंटीबॉडी है अहम

केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि व्यक्ति में आइजीएम व आइजीजी एंटीबॉडी का निर्माण होता है। आइजीएम तुरंत बनने लगती है, वहीं आइजीजी तीन हफ्ते बाद बनती है। इसमें कोरोना से उबर चुके मरीजों में आइजीजी एंटीबॉडी देखी जाती है। इसके आधार पर मरीज में प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। यही बीमारी से उबरने में मददगार बनता है। केजीएमयू कोरोना का नोडल सेंटर है। ऐसे में इस सफलता के बाद अब इस विधि का विस्तार किया जाएगा।

गंभीर मरीजों को होगा लाभ 

इस अवसर पर डॉ. डी. हिमांशु ने कहा कि 200 एमएल प्लाज्मा चढ़ाने से मरीज में काफी सुधार हुआ है। रात में मरीज को प्लाज्मा की दूसरी डोज दी जाएगी। यह गंभीर मरीजों के लिए बेहतर उपचार है।

Related Articles

Back to top button