प्राथमिक पाठशाला चंदेला में अनोखी शिक्षा व्यवस्था, पढ़ाने के बजाय सोते हुए गाना सुनते हैं शिक्षक

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : भरतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत गढ़वार के आश्रित ग्राम चंदेला में प्राथमिक पाठशाला का बुरा हाल है. यहां केवल एक ही शिक्षक के भरोसे पूरे स्कूल की जिम्मेदारी है.ग्रामीणों का आरोप है कि जो शिक्षक यहां पर है वो भी कभी कभार ही स्कूल आते हैं.स्कूल में जब कभी शिक्षक आते हैं तो उनका पूरा समय सोने और गाना सुनने में चला जाता है.
शिक्षक पढ़ाने में नहीं लेते रुचि
ग्रामीण मंगल पाव ने बताया कि बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाते हैं, लेकिन गुरुजी स्कूल नहीं आते. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक शराब पीते हैं, बाहर बैठकर शराबखोरी करते हैं और बच्चों को पढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेते.
पूर्व विधायक ने कही कार्रवाई करवाने की बात
मामले पर पूर्व विधायक चंपा देवी पावले ने कड़ा रुख अपनाया है. चंपा देवी पावले का कहना है कि यदि स्कूल में इस तरह की हरकतें हो रही हैं तो इस पर सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी.
अगर शिक्षा के मंदिर में शिक्षक सो रहा है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, तो ऐसे शिक्षक पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए- चंपादेवी पावले, पूर्व विधायक
पूर्व विधायक चंपादेवी पावले ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से बात कर उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वे यहां से लेकर रायपुर तक मामला उठाएंगी. उन्होंने साफ कहा कि दोषी शिक्षक को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. वहीं जब ईटीवी भारत ने संबंधित शिक्षक से स्कूल में सोने और गाने सुनने को लेकर सवाल पूछा तो वो जवाब देने के बजाय मुस्कुराते हुए निकल लिए.
निगरानी व्यवस्था फेल, शिकायतों पर भी चुप्पी
सबसे गंभीर सवाल शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे हैं. ग्रामीणों और ग्राम पंचायत सरपंच के बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद ना तो किसी अधिकारी ने निरीक्षण किया और ना ही अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई. इससे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे लापरवाह शिक्षक को तत्काल हटाकर दूसरी जगह भेजा जाए.इनकी जगह पर किसी दूसरे शिक्षक की पोस्टिंग विद्यालय में हो ताकि बच्चों के शिक्षा में सुधार हो.






