ब्रेकिंग
जालंधर की डॉक्टर के सोशल मीडिया वीडियो से मचा हड़कंप: LPU छात्रों को लेकर किए सनसनीखेज दावे Punjab Power Crisis: पंजाब में बिजली संकट गहराया, मांग 16,600 मेगावाट पार; जालंधर में सड़कों पर उतरे... Yamunanagar News: टोडरपुर गांव में बंदर को जिंदा निगल गया 15 फीट लंबा अजगर, वन्य जीव विभाग ने किया स... Homemade Soap for Sensitive Skin: घर पर बनाएं नेचुरल नीम-एलोवेरा साबुन, ड्राई स्किन और फंगल इंफेक्शन... Ranchi Crime News: रांची में डॉक्टर से 80.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी, रिश्तेदार समेत 6 लोगों पर FIR दर... Ranchi Cyber Crime: बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी ऐप से 70 वर्षीय बुजुर्ग से 4.90 लाख की ठगी, 6 आरोपियों प... Khunti Human Trafficking: खूंटी पुलिस ने नाकाम की मानव तस्करी की साजिश, 20 हजार की नौकरी का झांसा दे... Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 18 सितंबर तक झमाझम बारिश; यमुनानगर में आं... Haryana Sports News: बहादुरगढ़ में 1600 तैराकों का महाकुंभ, मुख्य अतिथि अविनाश चोपड़ा ने की अनिल खत्... How to Deactivate FASTag: पुरानी कार बेच दी है तो तुरंत डिएक्टिवेट करें FASTag, वरना कटता रहेगा आपका...
मध्यप्रदेश

आत्मनिर्भर भारत: बीना रिफाइनरी में शुरू होगा प्लास्टिक का उत्पादन, अरबों डॉलर की आयात लागत बचाएगा भारत

सागर: बीना स्थित बीपीसीएल की रिफाइनरी अब हाई परफार्मेंस और क्वालिटी वाला प्लास्टिक तैयार करेगी. इस नए प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में बीना रिफाइनरी ने अंतर्राष्ट्रीय कंपनी टेक्निप एनर्जीज के साथ करार किया है. इसके तहत रिफाइनरी में पाॅलीप्रोपाइलीन और ब्यूटीन -1 यूनिट की स्थापनी की जाएगी.

ये दोनों यूनिट हाई परफॉर्मेंस और क्वालिटी का प्लास्टिक तैयार करती है. जिसका उपयोग पानी और तेल की पाइपलाइन, आटोमोबाइल पार्ट्स, फर्नीचर, फूड और मेडिकल उपकरणों की पैकेजिंग के साथ दूसरे कई कामों में होता है. फिलहाल भारत में इस स्तर के प्लास्टिक का निर्माण काफी कम होता है और इसे दुनिया के दूसरे देशों से आयात करना होता है. इन दोनों यूनिट के निर्माण से भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी.

इसी महीने हुआ करार —

बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. उसके साथ ही रिफाइनरी के विस्तार योजना के तहत बीपीसीएल और टेक्निप एनर्जीज के बीच एक करार किया गया है. इस करार के तहत टेक्निप एनर्जीज रिफाइनरी में पाॅलीप्रोपाइलीन और ब्यूटीन-1 यूनिट का निर्माण करेगी. कंपनी करीब दो साल के भीतर इन दोनों यूनिट का निर्माण करने जा रही है. इन यूनिट के निर्माण के बाद हाई परफॉर्मेंस और क्वालिटी का प्लास्टिक तैयार होगा, जिसके लिए फिलहाल हमारे देश को दूसरे देशों की तरफ देखना पड़ता है.

पाॅलीप्रोपाइलीन यूनिट के फायदे

इस करार के तहत आगासौन स्थित बीपीसीएल की बीना रिफाइनरी में पीपी यूनिट का निर्माण किया जाएगा. पाॅलीप्रोपाइलीन एक थर्मोप्लास्टिक पॉलिमर होता है. पाॅलीप्रोपाइलीन एक ऐसा प्लास्टिक होता है, जिसे गरम करने के बाद ठंडा करके किसी भी आकार में ढाला जाता है. ठंडा होने पर ये काफी ठोस और मजबूत हो जाता है. पाॅलीप्रोपाइलीन प्रोपिलीन गैस से तैयार होता है, जो कि सबसे मजबूत और किफायती होता है. इसकी मजबूती और किफायती होने के कारण इसका उपयोग आटोमोबाइल पार्ट्स, पैकेजिंग मैटेरियल, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल और पैकेजिंग सामग्री के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है. खासकर प्लास्टिक फर्नीचर और घरेलू सामान बनाने में आजकल इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है.

ब्यूटीन -1 यूनिट का निर्माण

जहां तक ब्यूटीन-1 यूनिट की बात करें, तो ब्यूटीन -1 पेट हाई वैल्यू और हाई परफॉर्मेंस वाला एक पेट्रोकेमिकल उत्पाद है. इसका उपयोग प्लास्टिक और पाॅलीइथिलीन की गुणवत्ता बढ़ाने में किया जाता है. फिलहाल ये प्लास्टिक भारत दूसरे देशों से आयात करता है, जो काफी महंगा पड़ता है. लेकिन बीना रिफाइनरी में इसकी यूनिट की स्थापना के बाद आयात पर निर्भरता कम होगी.

जहां ब्यूटीन-1 की मदद से बनने वाले उत्पाद की बात करें, तो इससे पानी और गैस की पाइपलाइन का निर्माण किया जाता है. ये एक ऐसा हाई परफॉर्मेंस वाला प्लास्टिक होता है, जो फूड और मेडिकल पैकेजिंग में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. फिलहाल भारत में इसकी मांग काफी ज्यादा है और उत्पादन सीमित होने के कारण दूसरे देशों से आयात करना पड़ता है, जो काफी महंगा होता है.

बुंदेलखंड के विकास का आधार बनेगी रिफाइनरी

सागर सांसद लता वानखेड़े का कहना है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में बीना रिफाइनरी में पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स की आधारशिला रखी थी, जिसके तहत रिफाइनरी में कई तरह के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं. पेट्रोलियम उत्पादों से बनने वाले उच्च गुणवत्ता के प्लास्टिक की दो यूनिट के लिए जनवरी में बीना रिफाइनरी ने करार किया है. इसके निर्माण के बाद उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक सामान बन सकेंगे.

Related Articles

Back to top button