ब्रेकिंग
Health Minister Irfan Ansari: झारखंड के चार जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री ने क... Jharkhand CM News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निभाई पारंपरिक रस्में, नेमरा गांव में माता की स्मृति म... BIT Mesra Success Story: 400 रुपये हफ्ते से शुरू हुआ सफर, सफाईकर्मी मां की बेटी आरती ने इंजीनियरिंग ... Ranchi City SP Paras Rana: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी, पुलिस ने लोगों से की अफवाहों से दू... Jharkhand Politics: प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करेंगे नितिन नबीन, अमर बाउरी बोले- संगठन को... Mungeli Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले के भाई समेत 3 लोगों ... Jagdalpur News: बस्तर में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का किया घे... Chhattisgarh Wildlife News: धमतरी और सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में तेंदुए का हमला, ग्रामीणों में ... Surajpur News: गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर नवजात की मौत, लापरवाही पर डॉक्टर और एएनएम... Sukma News: पुलिस परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की अनोखी पहल, 'सेवा पथ एक पहल' के तहत सिलाई ...
झारखण्ड

Ayushman Bharat Scam: हजारीबाग के निजी अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई, आयुष्मान योजना में अनियमितता मिलने पर प्रशासन सख्त

रांची: आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत अनियमितता के मामले में कार्रवाई हुई. झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने हजारीबाग के फोर्ड एंड ऑर्थो केयर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है.

आज शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन द्वारा शो-कॉज नोटिस का समय पर उत्तर नहीं देने के कारण अस्पताल को योजना के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा अस्पताल के विरुद्ध प्रस्तुत विस्तृत रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं पाई गई, जो आयुष्मान भारत योजना के नियमों के प्रतिकूल हैं. इन अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी द्वारा अस्पताल को क्रमशः 20 सितंबर 2024, 30 मई 2025 एवं 23 सितंबर 2025 को कुल तीन पत्र जारी किए गए थे.

इन सभी पत्रों के माध्यम से अस्पताल के अधिकृत ई-मेल आईडी पर स्पष्टीकरण मांगा गया लेकिन निर्धारित समय सीमा में अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया. अस्पताल प्रबंधन द्वारा जवाब नहीं मिलने की स्थिति में रिमाइंडर भी भेजा गया, इसके बावजूद कोई प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया. इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देश की कंडिका 6.3.4.2 के तहत कार्रवाई करते हुए जसास ने अस्पताल को योजना से निलंबित करने का निर्णय लिया है.

निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वर्तमान में भर्ती आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी मरीजों को छुट्टी मिलने तक सामान्य रूप से निरंतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा साथ ही. निलंबन अवधि में भी अस्पताल में पाई गई अनियमितताओं एवं विसंगतियों की नियमित जांच जारी रहेगी. इस कार्रवाई को झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक की स्वीकृति प्राप्त है.

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत 21 मरीजों को आर्थिक सहायता स्वीकृत

राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत गंभीर रोगों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत प्रदान की गई है. झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कुल 24 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 21 मरीजों को चिकित्सीय सहायता राशि स्वीकृत की गई. जिसमें कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, ब्रेन इंज्यूरी सहित गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को 05 से 10 लाख रुपये तक की मदद दी गयी.

स्वीकृत लाभार्थियों में धनवार (गिरिडीह) के इरशाद अंसारी, हुसैनाबाद (पलामू) की संगीता देवी, पाकुड़ की मेहरबानो खातून, गोमिया (बोकारो) के वैयुनंदन दुबे, बरवाडीह (लातेहार) की बेबी अनुष्का कुमारी, सरैयाहाट (दुमका) की सावित्री देवी, मेदिनीनगर (पलामू) के निवन ओझा, पत्थलगड़ा (चतरा) के सतीश कुमार सिन्हा, साहेबगंज सदर के मो. आसिफ आलम, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) के बेबी शिबम घोष, पथरगामा (गोड्डा) के बेबी मोनू कुमार महतो, धनबाद के नरेश शर्मा, मानगो, जमशेदपुर के सुमित कुमार तिवारी, कसमार (बोकारो) के चंद्रदीप नायक, बेरमो (बोकारो) के बेबी सूर्या कुमार यादव, निमडीह (सरायकेला–खरसावां) की रूपा सेन, डुमरी (गिरिडीह) के खिरोधर महतो, जमुआ (गिरिडीह) के प्रमोद कुमार यादव व महेंद्र प्रसाद यादव, डुमरी (गिरिडीह) के नरेश ठाकुर तथा चंद्रपुरा (बोकारो) के संदीप कुमार यादव शामिल हैं.

इन सभी मरीजों को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की सहायता राशि स्वीकृत की गई है. मरीजों का इलाज रांची, धनबाद, जमशेदपुर सहित राज्य के भीतर एवं वेल्लोर, वाराणसी जैसे राज्य से बाहर के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में कराया जा रहा है. वहीं डुमरिया (पूर्वी सिंहभूम) के शेख यूनुस, खूंटी की सरोजनी हस्सा और अमड़ापाड़ा (पाकुड़) की कोमल जायसवाल के मामलों में मरीजों की वर्तमान चिकित्सीय स्थिति का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.

इस बैठक में यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि भविष्य में सभी आवेदनों के साथ मरीज की अद्यतन चिकित्सीय स्थिति, अस्पताल से प्राप्त अनुमान और सिविल सर्जन द्वारा सत्यापन अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाए. राज्य सरकार के इस निर्णय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी और स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती प्राप्त होगी.

Related Articles

Back to top button