धनबाद-जमशेदपुर, हर जिले में छूट ही छूट, रांची रेड-9 जिले ओरेंज, 14 जिले ग्रीन जोन में

- रेड जोन : रांची
- ऑरेंज जोन : बोकारो, धनबाद, सिमडेगा, गढ़वा, देवघर, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, जामताड़ा।
- ग्रीन जोन : चतरा, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गोड्डा, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, साहिबगंज, सरायकेला-खरसांवा, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रामगढ़।
रांची, राज्य ब्यूरो। Lockdown Extension 3 लॉकडाउन पार्ट 2 की अवधि तीन मई को समाप्त हो रही थी, जिसे केंद्र ने बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया है। लेकिन, लॉकडाउन पार्ट 3 में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के आधार पर छूट के अलग-अलग दायरे तय किए गए हैं। झारखंड के लिए राहत की बात यह है कि 24 जिलों में से 23 जिलों में कुछ गतिविधियां बढ़ सकती हैैं। राज्य के 14 जिले ग्रीन जोन में हैं, जहां आर्थिक गतिविधियों पर लगी रोक पर बड़ी राहत मिल सकती है। इसके अलावा राज्य के 9 जिले ऑरेंज जोन में हैं और इन जिलों में भी छूट का दायरा बढ़ेगा। लेकिन, रांची रेड जोन में रहेगा और इस कारण राजधानी में गतिविधियों पर किसी प्रकार की छूट मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। रेड जोन को छोड़कर अन्य जिलों के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को फैसला लेने की छूट दी है। इस आधार पर कुछ बदलाव भी हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार रविवार को राज्य सरकार इस संदर्भ में फैसला ले सकती है। राज्य सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं होने के कारण अब तक कोई बदलाव प्रभावी नहीं हुआ है।
परिवहन को लेकर सख्ती अब सिर्फ रेड जोन में रहेगी। हालांकि, आवश्यकता पडऩे पर कार पर दो सवारी के साथ आने-जाने की छूट मिल सकती है। अंतरराज्यीय बसों के परिचालन को अभी छूट नहीं दी जाएगी, लेकिन ग्रीन जोन के जिलों में सार्वजनिक परिवहन पर सीमित दायरे में छूट दिए जाने की भी संभावना है। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और सभी विभागों के सीनियर अधिकारियों की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, जिसमें राहतों को लेकर अंतिम फैसला होगा।
बता दें कि केंद्र सरकार के निर्देश पर झारखंड में तीन मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने लॉकडाउन-3 की घोषणा कर दी है। साथ ही ग्रीन, ऑरेंज और ऱे जोन के लिए अलग-अलग निर्देश जारी कर परिवहन, आवागमन, दुकानों और उद्योगों के खुलने को लेकर नियम निर्धारित किये हैैं।
केंद्र की ओर से जारी निर्देश के अनुसार रेड जोन और ऑरेंज जोन के कंटेनमेंट एरिया के बाहरी इलाकों में शराब, सिगरेट की बिक्री तक को छूट मिलेगी। हालांकि पूरे देश में हवाई, ट्रेन, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस सेवा समेत माल, सिनेमाघर आदि बंद रहेंगे। बताते हैं कि लॉकडाउन-3 के दौरान पूरे देश में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक जरूरी सेवाओं को छोड़कर लोगों को बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान लोगों की आवाजाही रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन धारा-144 लागू कर सकता है। पूरे देश में 65 से अधिक उम्र के बुजुर्गों और 10 साल के कम उम्र के बच्चों के साथ ही गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों के घर से निकलने पर पाबंदी रहेगी। वे सिर्फ जरूरी काम से या फिर इलाज के लिए बाहर जा सकते हैैं।
यहां रोक जारी रहेगी
- स्कूल-कॉलेज, कोचिंग और ट्रेनिंग सेंटर, होटल, बार और रेस्तरां, मॉल से लेकर मंदिर, मस्जिद, चर्च समेत सभी पूजा स्थल जहां भीड़ लग सकती है।
- धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और खेलकूद से जुड़े कार्यक्रमों पर अभी रोक जारी रहेगी।
- 10 साल से छोटे बच्चों, 65 से ज्यादा उम्र के व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं के बिना जरूरी काम के बाहर जाने पर रोक
रेड जोन में ये रहेंगे प्रतिबंधित
- रिक्शा, ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर जैसी टैक्सी को चलाने की इजाजत नहीं होगी।
- सैलून, स्पा, ब्यूटी पार्लर भी नहीं खुलेंगे और साथ ही यहां बसें भी नहीं चलेंगी।
रेड जोन में इन्हें मिलेगी राहत
- निजी वाहन से कुछ सेवाओं के लिए लोगों को आने-जाने की अनुमति होंगी। लेकिन कार में ड्राइवर के अलावा केवल दो लोग ही बैठ सकेंगे।
- दोपहियावाहन से सिर्फ एक व्यक्ति यानी चालक को ही आने-जाने की अनुमति होगी।
- एसईजेड(स्पेशल इकोनॉमिक जोन)और ईओयू (एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स) के साथ-साथ औद्योगिक शहरों और क्षेत्रों में कामकाज के लिए पूरी तरह छूट दे दी गई है।
- जरूरी सामान, दवा, मेडिकल उपकरण और उनके लिए अन्य सामान बनाने वाली इकाइयां समेत पूरे सप्लाई चेन के साथ ही आइटी हाडवेयर की इकाइयों को भी छूट दी गई है।
- मजदूर आधारित जूट और पैकेजिंग उद्योग को शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए काम करने छूट होगी।
- प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आइटी सेवाओं, कॉल सेंटर, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग सेवाओं और निजी सुरक्षा गार्ड को काम करने की छूट
शहरी रेड जोन के लिए विशेष प्रावधान
- मजदूरों के रहने की व्यवस्था वाली साइट पर कंस्ट्रक्शन की अनुमति। बाहर से मजदूर लाकर काम कराने पर रोक
- कॉलोनी, रिहाइशी और एकल दुकानों को खोलने की अनुमति। इनमें जरूरी और गैर-जरूरी का अंतर नहीं किया गया है।
- ई-कामर्स कंपनियों को केवल जरूरी सामान सप्लाई करने की अनुमति।
- 33 फीसद स्टाफ के साथ सभी निजी ऑफिस को खोलने की इजाजत। शेष स्टाफ घर से काम करेगा।
- उप सचिव स्तर के ऊपर के अधिकारियों के साथ सरकारी दफ्तर खुलेंगे, अन्य स्टाफ में केवल 33 फीसदी से काम चलाना होगा।
- रक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, जेल, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर सर्विस, आपदा प्रबंधन, एनआइसी, कस्टम, एफसीआइ एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र और नगर निगम को पूरी छूट रहेगी।
रेड जोन वाले ग्रामीण इलाकों में छूट
- रेड जोन वाले जिलों के ग्रामीण इलाकों में कंटेनमेंट एरिया और बफर जोन को छोड़कर पूरे जिले में सभी तरह की आर्थिक और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों की छूट होगी, जिनमें मनरेगा, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां और ईंट-भट्टïा शामिल हैैं।
- सभी दुकानें और कृषि से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर कोई रोक नहीं होगी।
- बैैंक, इंश्योरेंस समेत सभी तरह की फाइनेंशिल गतिविधियां पूरी तरह चालू रहेंगी।
- आंगनबाड़ी समेत महिलाओं, विधवाओं, बुुजुर्गों और बच्चे की देखभाल के लिए बने विशेष आश्रमों को काम करने की छूट दी गई है।
- यहां कूरियर और पोस्टल सेवाओं की भी इजाजत होगी।
ऑरेंज जोन में ये राहत
- एक सवारी बिठाकर ओला, उबर जैसी टैक्सी सेवा को अनुमति
- दोपहिया वाहन पर पीछे सवारी बिठाने की इजाजत
- कुछ सेवाओं के लिए लोगों को एक-से-दूसरे जिले में आने-जाने की अनुमति होगी।
ग्रीन जोन में छूट ही छूट
- ग्रीन जोन वाले इलाकों में राष्ट्रीय स्तर पर लागू प्रतिबंधों के अलावा कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
- सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों की यहां पूरी तरह छूट होगी।
- यहां 50 फीसदी सवारी के साथ बसें चलाने की अनुमति। वे ग्रीन जोन वाले जिले से दूसरे ग्रीन वाले जिले में भी आ जा सकेंगी।
- सभी तरह की दुकाने खुलेंगी
- ई- कामर्स से सभी सामान की डिलीवरी होगी






