ब्रेकिंग
Political Reset: तमिलनाडु में सत्ता का सस्पेंस खत्म! एक्टर विजय कल बनेंगे नए मुख्यमंत्री, जानें शपथ ... Shashi Tharoor News: शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; डीपफेक वीडियो ... West Bengal News: शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री; अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक ब... Saharsa Mid Day Meal News: सहरसा में मिड डे मील बना 'जहर'! लगातार दूसरे दिन 80 बच्चे बीमार, बिहार शि... Mumbai Watermelon Case: तरबूज खाकर खत्म हो गया पूरा परिवार! आयशा ने 10वीं में हासिल किए 70% अंक, पर ... NCR Crime News: 30 मुकदमों वाला कुख्यात गैंगस्टर सूरज चिढ़ा गिरफ्तार; दिल्ली-NCR में फैला रखा था जरा... Bulandshahr Accident: बुलंदशहर में भीषण सड़क हादसा; बेकाबू ट्रक ने परिवार को कुचला, पति-पत्नी और 3 म... DMK vs Congress: इंडिया गठबंधन में बड़ी दरार? कनिमोझी ने स्पीकर को लिखा पत्र- 'संसद में कांग्रेस से ... Suvendu Adhikari Agenda: भाषण कम, काम ज्यादा और घोटालों पर कड़ा एक्शन; शुभेंदु अधिकारी ने बताया अपना... Allahabad High Court: सपा सांसद रामजीलाल सुमन को बड़ा झटका; सुरक्षा की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट ने ...
छत्तीसगढ़

Baloda Bazar: नहीं बचेंगे बेजुबानों के कातिल! मादा गौर शिकार केस में 2 और गिरफ्तारी, अर्जुनी वन परिक्षेत्र में मचा हड़कंप

बलौदा बाजार: अर्जुनी वन परिक्षेत्र में मादा गौर शिकार केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों में से 2 ने आखिरकार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण के बाद दोनों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल दाखिल किया गया है. इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि शेष फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है.

वन विभाग के मुताबिक यह मामला बहुत गंभीर है और इसके तहत Wildlife Protection Act, 1972 के प्रावधानों के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है. मादा गौर जैसे संरक्षित वन्यजीव का शिकार न केवल कानूनी रूप से दंडनीय है, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी गंभीर खतरा है.

मादा गौर शिकार केस में 2 और आरोपी अरेस्ट

सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद से ही वन विभाग ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति बनाई. लगातार गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी. इसी दबाव के चलते मुख्य आरोपी जगदीश चौहान और अभिमन्यु चौहान, दोनों निवासी बिलाड़ी, ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण के बाद विधि अनुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया. इससे पहले 3 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. अब तक कुल पांच आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में हैं. प्रकरण में कुछ अन्य लोग अब भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है.

शिकार से जुड़ी जानकारी

वन परिक्षेत्र अर्जुनी के अंतर्गत अक्टूबर माह में मादा गौर के शिकार की घटना सामने आई थी. स्थानीय ग्रामीणों से मिली सूचना और प्राथमिक जांच के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए. जांच में स्पष्ट हुआ कि यह सुनियोजित शिकार था. मादा गौर, जिसे भारतीय बाइसन भी कहा जाता है, संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आती है. इसका शिकार करना कानूनन गंभीर अपराध है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है. घटना के बाद विभाग ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विशेष टीम गठित की थी.

वन विभाग की कड़ी कार्रवाई

घटना को लेकर वन विभाग ने शुरू से ही सख्त रुख अपनाया. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की. वन अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है. किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. 2 मुख्य आरोपियों के आत्मसमर्पण के बाद अब विभाग का फोकस शेष फरार आरोपियों पर है. उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, जल्द ही बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है. वन विभाग ने आसपास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया है ताकि आरोपी सीमा पार न कर सकें. जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद भी ली जा रही है.

न्यायिक प्रक्रिया पर नजर

अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है. आरोप सिद्ध होने पर संबंधित आरोपियों को कठोर दंड मिल सकता है. विभाग ने सभी साक्ष्य संकलित कर कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर जोर दिया है ताकि दोषियों को सजा सुनिश्चित हो सके.

Related Articles

Back to top button