ब्रेकिंग
Ayodhya Ram Mandir Controversy: 'राम मंदिर कर्मचारियों की हो CDR जांच', अखिलेश यादव बोले- 99% लोग BJ... Old Delhi Redevelopment: 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का बदला नाम, अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विका... Datia By-Election: दतिया में ASP के दामोदर यादव ने भरा नामांकन, क्षत्रिय समाज ने किया BJP का समर्थन Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव से पहले दिखाई ताकत, सैकड़ों महिलाओं-युवाओं को दिलाई BJP... Chhattisgarh Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 इंस्पेक्टर और 1 SI का तबादला, आदेश जार... Rajasthan Oil Production: बाड़मेर में खोदे जाएंगे 1000 नए तेल कुएं, 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल उत... Yamuna Jal Pariyojana: शेखावाटी के लिए खुशखबरी! सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय, 46 पदों को भी मंजूरी Pakistan Water Crisis: पानी के लिए भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान की खुली पोल, खुद की गलती से जल ... Haryana Super 100 Scheme: नायब सरकार ने बढ़ाईं 100 सीटें, 9 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया PM Modi in Melbourne: मेलबर्न में गूंजा 'भारत माता की जय', पीएम मोदी ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्...
छत्तीसगढ़

Girls Hostel Horror: गर्ल्स हॉस्टल में ‘भूत’ का साया! छात्राओं में दहशत देख मौके पर पहुंची तहसीलदार और डॉक्टरों की टीम

कोरबा: पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 100 सीटर कन्या छात्रावास में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने, भूत-प्रेत की आशंका पर बैगा बुलाने की खबर सामने आयी है. इस सूचना के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है. पोड़ी-उपरोड़ा एसडीएम मनोज बंजारे के निर्देश पर तहसीलदार विनय देवांगन, नायब तहसीलदार सुमन दास मानिकपुरी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्टल पहुंच छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया है.

जांच के दौरान कुछ छात्राओं में निमोनिया के लक्षण मिले

स्वास्थ्य जांच के दौरान अधिकांश बच्चियों की स्थिति सामान्य पाई गई है. वहीं कुछ छात्राओं में निमोनिया जैसी शिकायत सामने आई है. तहसीलदार विनय देवांगन ने बीमार छात्राओं के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं. चिकित्सकों के अनुसार कमजोरी और मानसिक दबाव के कारण बच्चों में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. जो आम लोगों को असामान्य व्यवहार प्रतीत होते हैं.

झूठी अफवाह से फैली दहशत

बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से 10 से 12 छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और असामान्य हरकत करने की बातें सामने आ रही थीं. सूचना मिलने पर परिजन हॉस्टल पहुंचे थे. कुछ परिजनों ने इसे भूत-प्रेत का साया मानते हुए बैगा को भी साथ लाकर उपचार कराने कोशिश की थी. स्थिति को देखते हुए कुछ परिजन अपनी बच्चियों को घर ले गए हैं. कई अभिभावकों ने भयवश बच्चों को वापस ग्राम ले जाकर घर से ही परीक्षा दिलाने का निर्णय लिया है.

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे छात्रावास

तहसीलदार विनय देवांगन ने कहा, जो छात्राएं घर गई हैं, उनसे भी मुलाकात कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली जाएगी. परिजनों के मन में चल रही भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास से दूर रहें और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं. जानकारों के अनुसार परीक्षा के समय मानसिक दबाव, घबराहट और शारीरिक कमजोरी के कारण भी बच्चों में इस प्रकार के लक्षण उभर सकते हैं. ऐसे में आवश्यक है कि छात्राओं के स्वास्थ्य और भविष्य को प्राथमिकता देते हुए उचित चिकित्सा और परामर्श उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

Related Articles

Back to top button