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LPG Shortage in India: भारत में गैस किल्लत का असर फास्ट फूड इंडस्ट्री पर, McDonald’s-KFC में मेनू छोटा करने की तैयारी; जानें क्या है वजह?

अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से अब फास्ट फूड का स्वाद भी बिगड़ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि देश में कमर्शियल LPG की सप्लाई प्रभावित हो रही है. ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, अगर LPG की कमी इसी तरह बनी रहती तो क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इससे इन रेस्टोरेंट्स की लागत बढ़ सकती है. खाना महंगा हो सकता है या मेन्यू में बदलाव देखने को मिल सकता है. इन रेस्टोरेंट में KFC, Burger King, Pizza Hut, McDonald’s और Domino’s जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिनका बिजनेस पूरी दुनिया में फैला हुआ है.

रिपोर्ट के अनुसार, बड़े रेस्टोरेंट चेन के पास छोटे ढाबों या रेस्टोरेंट की तुलना में बेहतर सप्लाई व्यवस्था होती है, लेकिन अगर कमर्शियल LPG की कमी या कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती है तो पूरा सेक्टर प्रभावित हो सकता है. QSR रेस्टोरेंट पर इसका ज्यादा असर होगा. इन कंपनियों के देशभर में सैकड़ों आउटलेट हैं और इन्हें किचन और मेन्यू को नियमित बनाए रखने के लिए LPG की लगातार सप्लाई चाहिए होती है.

महंगा हो सकता है फास्ट फूड

अगर इसी तरह LPG की कमी जारी रहती है तो कंपनियों को ज्यादा ईंधन लागत खुद उठानी पड़ सकती है या फिर मेन्यू के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर QSR चेन में करीब 60-65% खाना LPG पर ही पकाया जाता है और आम तौर पर कंपनियां 1 से 2 हफ्ते का गैस स्टॉक रखती हैं. अगर सिर्फ 5 दिन भी LPG सिलेंडर उपलब्ध नहीं होते, तो एक स्टोर की कमाई करीब 6% तक घट सकती है.

भारत के QSR सेक्टर की गैस पर बड़ी निर्भरता

भारत के फास्ट-फूड उद्योग में फ्रायर, ग्रिल, ओवन और तेज किचन मशीनों के लिए LPG का इस्तेमाल होता है. समस्या इसलिए भी बढ़ सकती है क्योंकि सरकार की नीति में घरों को LPG सप्लाई को प्राथमिकता दी गई है, इसलिए कमी होने पर सबसे पहले असर कमर्शियल यूजर्स जैसे रेस्टोरेंट पर पड़ता है. कई खाने की चीजों में इंडक्शन या दूसरे विकल्प अपनाना आसान नहीं है, क्योंकि डीप फ्राइंग और आग पर बनने वाले व्यंजन गैस पर ही अच्छे बनते हैं.

छोटे झटके से भी असर

रिपोर्ट का कहना है कि अगर सप्लाई में रुकावट जारी रहती है तो रेस्टोरेंट कंपनियों के पास ज्यादा विकल्प नहीं होंगे. इस सेक्टर में किचन का काम बहुत तेज और व्यवस्थित तरीके से चलता है, इसलिए ईंधन सप्लाई में थोड़ी सी रुकावट भी सेवा धीमी कर सकती है. कंपनियां मेन्यू कम कर सकती है और जो कमाई पर असर डाल सकती है. यानी भारत के तेजी से बढ़ते फास्ट-फूड उद्योग के लिए अब LPG की उपलब्धता एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है.

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