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हरियाणा

Corruption Case: रिश्वत के फेर में फंसे खाद्य आपूर्ति नियंत्रक और उप-निरीक्षक, विजिलेंस टीम की बड़ी कार्रवाई

गुड़गांव: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रेवाड़ी के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने एक राशन डिपो धारक की शिकायत पर विभाग के उप-निरीक्षक जयवीर और तत्कालीन रेवाड़ी जिले में खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक अशोक रावत के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। जबकि अशोक रावत अभी वर्तमान में गुरुग्राम में नियुक्त है।

जानकारी के मुताबिक, जून 2025 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने रेवाड़ी स्थित एक राशन डिपो का अनौपचारिक निरीक्षण किया था। शिकायतकर्ता मोहित के अनुसार निरीक्षण के बाद उसे बताया गया कि उसके डिपो पर दो हजार रुपये का जुर्माना (चालान) किया गया है । जब वह और उसके पिता नरेश कुमार इस बारे में बात करने के लिए तीन नवंबर 2025 को डीएफएससी कार्यालय में तैनात उप-निरीक्षक जयवीर से मिले, तो जयवीर ने डिपो की सप्लाई न रोकने की एवज में 20 हजाररुपये की मांग की।

शिकायतकर्ता ने एसीबी को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीडी सौंपी, जिसकी जांच के बाद भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई । रिकॉर्डिंग की ट्रांसक्रिप्ट से खुलासा हुआ कि आरोपी जयवीर शिकायतकर्ता पर दबाव बना रहा था कि साहब के कहने पर 20 हजार रुपये तो देने ही पड़ेंगे । उसने यह भी कहा कि चालान होने के बावजूद उसने डिपो की सप्लाई नहीं हटाई है, इसलिए यह रकम देनी होगी।

राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्रारंभिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि जयवीर भ्रष्ट अपने वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। ब्यूरो ने उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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