ब्रेकिंग
देश की पहली LNG ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी: गुजरात को मिली ₹1,542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्... Assam Politics News: आशुतोष रांका को असम पुलिस ने लिया हिरासत में, CJP का आरोप- 'सच्चाई सामने लाने स... दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा पर लगा गंभीर आरोप: सड़क निरीक्षण के दौरान युवक को थप्पड़ मारने का वीडि... NEET पेपर लीक विवाद के बाद NTA का बड़ा फैसला: नए मुख्यालय में तैनात होंगे CISF जवान दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को 214 करोड़ की सौगात: 53 विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास जयपुर में सनसनीखेज वारदात: महिला की हत्या कर गार्डन में दफनाया शव, आरोपी मकान पर ताला लगाकर फरार Jaipur Crime News: झोटवाड़ा के मंदिर में 63 वर्षीय पुजारी से मारपीट, कपड़े फाड़े; CCTV में कैद हुई व... मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP का हल्लाबोल: 2 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का ... Bihar Railway Negligence: जमुई में रेल प्रशासन की अमानवीयता, ट्रैक पर कौवे नोचते रहे शव; परिजनों ने ... LPU Student Protest: जालंधर लवली यूनिवर्सिटी में कथित रेप की अफवाह पर भारी बवाल, पुलिस वाहन फूंका; S...
झारखण्ड

Dumka News: दुमका में कोल ब्लॉक सर्वे का भारी विरोध, ग्रामीणों ने 3 कर्मियों को बनाया बंधक; इलाके में तनाव

दुमका: जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में आवंटित कोल ब्लॉक का ग्रामीणों द्वारा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार शाम भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे हरियाणा पावर कंपनी के तीन कर्मियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया. जिसे प्रशासन ने लगभग एक बजे रात में काफी मशक्कत के बाद छुड़ाया.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र के बादलपाड़ा इलाके में हरियाणा पावर को कोल ब्लॉक आवंटित हुआ है. कल सोमवार शाम कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी ड्रिलिंग के लिए मौके पर पहुंचे. जैसे ही उन्होंने ड्रिल मशीन चालू किया, काफी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया.

ग्रामीणों का कहना था कि बिना ग्राम सभा कराए कैसे काम शुरू किया जा रहा है. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने तीनों कर्मियों को बंधक बना लिया. जब यह सूचना शिकारीपाड़ा के अंचलाधिकारी कपिल देव ठाकुर और थाना प्रभारी अमित लकड़ा को हुई तो वे मौके पर पहुंचे.

कड़ी मशक्कत के बाद देर रात छुड़ाया गया

पूरी जानकारी जब जिला मुख्यालय को हुई तब दुमका एसडीएम कौशल कुमार और एसडीपीओ विजय कुमार महतो शिकारीपाड़ा थाना पहुंचे. उनके निर्देश पर वहां से अतिरिक्त पुलिस बल को बादलपाड़ा भेजा गया. रात लगभग एक बजे काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने कोल कंपनी के कर्मियों को इस शर्त पर छोड़ा कि भविष्य में वे कभी भी बिना ग्राम सभा की अनुमति के नहीं आएंगे.

एसडीएम कौशल कुमार ने दी जानकारी

इस पूरे मामले में दुमका एसडीएम कौशल कुमार ने फोन पर बताया कि कोल कंपनी के कर्मी भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे थे. लेकिन ग्रामीणों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया और बंधक बना लिया. लोगों का कहना था कि बिना ग्राम सभा और उनकी बिना सहमति के काम क्यों शुरू किया. एसडीएम ने बताया कि देर रात उन लोगों को छुड़ा लिया गया है.

2024 में महिला प्रशिक्षु आइएएस को बनाया था बंधक

बता दें कि यह पहली घटना नहीं है, जब कोल ब्लॉक इलाके में ग्रामीणों ने लोगों को बंधक बनाया है. 20 फरवरी 2024 को महिला प्रशिक्षु प्रांजल ढांढा और अन्य सरकारी कर्मियों को भी शिकारीपाड़ा के लताकांदर के कोल ब्लॉक एरिया में बंधक बनाया गया था.

Related Articles

Back to top button