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Karnal News: टेक्सास की आग में करनाल के 22 वर्षीय युवक की मौत, ‘डंकी रूट’ से अमेरिका पहुंचा था सुखविंदर

करनाल: हजारों सपनों और उम्मीदों को लेकर विदेश गया एक नौजवान, टेक्सास की एक भयावह आग में हमेशा के लिए खामोश हो गया. गांव गंगाटेहड़ी का 22 वर्षीय सुखविंद्र सिंह, जो अपने परिवार का इकलौता सहारा था, स्टोर में लगी अचानक आग की चपेट में आ गया और अपनी जान गंवा बैठा. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है.

चार साल पहले शुरू हुआ था संघर्ष भरा सफर: करनाल में असन्ध हलके के गंगाटेहडी गांव के सुखविंद्र सिंह ने करीब चार साल पहले ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका का रुख किया था. 12वीं तक पढ़ाई करने वाले इस युवा के पीछे परिवार ने लगभग 50 लाख रुपए खर्च किए थे. लंबी और कठिन यात्रा के बाद वह टेक्सास पहुंचा और एक स्टोर में काम करने लगा, ताकि परिवार की आर्थिक हालत बेहतर कर सके.

काम की जगह ही बना था उसका आशियाना: जिस स्टोर में सुखविंद्र काम करता था, वहीं उसका ठिकाना भी था. दिनभर मेहनत के बाद वह उसी जगह सो जाता था. 26 अप्रैल की सुबह, काम खत्म करने के बाद वह स्टोर मालिक के साथ अंदर ही सो रहा था, जब अचानक आग भड़क उठी और दोनों अंदर ही फंस गए.

एक संयोग ने बचा ली तीसरे की जान: स्टोर में काम करने वाला एक अन्य युवक उस दिन मौजूद नहीं था. अगर वह भी वहां होता, तो वह भी हादसे का शिकार हो सकता था. उसी युवक ने घटना की सूचना सबसे पहले परिवार तक पहुंचाई.Karnal News: टेक्सास की आग में करनाल के 22 वर्षीय युवक की मौत, ‘डंकी रूट’ से अमेरिका पहुंचा था सुखविंदर

दमकल की कोशिशें, लेकिन वक्त निकल चुका था: आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था. सुखविंद्र और स्टोर मालिक दोनों की जान जा चुकी थी. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जबकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

इकलौते बेटे के जाने से बिखर गया परिवार: सुखविंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. पिता शीशपाल खेतीबाड़ी करते हैं और परिवार में दो बहनें हैं. बेटे की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. घर में हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और आंसू हैं.

गांव में मातम, सरकार से मदद की अपील: गंगाटेहड़ी गांव में इस हादसे के बाद शोक की लहर है. सरपंच कुलदीप ने सुखविंद्र को मेहनती और नेकदिल लड़का बताते हुए सरकार से अपील की है कि “परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और उसके शव को जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए.”

..जहां से लौटना संभव नहीं होता: यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के सपनों की हकीकत को भी बयां करता है, जो बेहतर भविष्य की तलाश में विदेशों का रुख करते हैं. लेकिन कभी-कभी किस्मत उन्हें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है, जहां से लौटना संभव नहीं होता.

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