ब्रेकिंग
Palamu NEET Exam: पलामू नीट परीक्षा केंद्र पर हंगामे का मामला; पुलिस ने PR बांड पर छोड़े 3 आरोपी Giridih Road Accident: गिरिडीह में कार और सवारी गाड़ी की भीषण टक्कर; स्कूली छात्रा समेत 2 की मौत, कई... Sarna Dharma Code: जनगणना में अलग कॉलम की मांग; झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रपति और PM को लिखा ... Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम ने ली करवट; ओलावृष्टि और वज्रपात का अलर्ट, जानें अगले 48 घ... Election Results: बंगाल और असम में खिला 'कमल'; सीएम विष्णुदेव साय ने दी बधाई, बोले- 'निरंकुश सरकार स... Congress Protest: रसोई की महंगाई के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर; सिलेंडर की कीमतों को लेकर सरकार पर तीख... Balrampur News: सुशासन तिहार में सीएम साय का बड़ा ऐलान; छत्तीसगढ़ में जल्द होगा 'कर्मचारी चयन मंडल' ... Manendragarh News: जवानों की फिटनेस के लिए अनोखी पहल; जुंबा और एरोबिक्स में बच्चों-बुजुर्गों ने भी द... Placement Camp: बलौदाबाजार जिले के युवाओं के लिए बड़ी खबर, 186 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्... Social Work: बेसहारा लोगों का नया ठिकाना 'अपना घर सेवा आश्रम'; जहां अपमान नहीं, 'प्रभुजन' कहकर दिया ...
पंजाब

Corruption Case: भ्रष्टाचार मामले में नामजद एएसआई (ASI) फरार; विजिलेंस ने शुरू की छापेमारी, जांच तेज

बठिंडा: सी.आई.ए.-1 में तैनात ए.एस.आई. के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेँस ब्यूरो ने जांच तेज कर दी है, साथ ही उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। विजिलेंस टीम अब मामले में इस्तेमाल की गई यू.पी. नंबर की ब्रिजा गाड़ी की तलाश में जुट गई है। इसके साथ ही एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की भी जांच की जा रही है, जिसका उपयोग कथित तौर पर पैसों की मांग के लिए किया गया था।

बता दें कि दो दिन पहले व्यापारी दुष्यंत बंसल की शिकायत पर विजिलेंस ने ए.एस.आई. के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि सी.आई.ए.-1 के कुछ पुलिसकर्मी उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। आरोपी पुलिसकर्मियों ने उसे डराने के लिए कई बार उसके घर अवैध तरीके से दबिश दी। उसे यू.पी. नंबर की ब्रिजा गाड़ी में बैठाकर धमकाया गया।

इस दौरान एक मोबाइल नंबर से कॉल कर पैसों की मांग की जाती थी। उसने इन घटनाओं की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी विजिलेंस को सौंपी है। विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत मिलते ही ए.एस.आई. के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की गई। हालांकि, आरोपी अब तक फरार है।

सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस अब गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर परिवहन विभाग से पूरी जानकारी जुटाने में लगी है, साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस मामले में सी.आई.ए.-1 के अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हो सकते हैं।

Related Articles

Back to top button