ब्रेकिंग
Palamu NEET Exam: पलामू नीट परीक्षा केंद्र पर हंगामे का मामला; पुलिस ने PR बांड पर छोड़े 3 आरोपी Giridih Road Accident: गिरिडीह में कार और सवारी गाड़ी की भीषण टक्कर; स्कूली छात्रा समेत 2 की मौत, कई... Sarna Dharma Code: जनगणना में अलग कॉलम की मांग; झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रपति और PM को लिखा ... Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम ने ली करवट; ओलावृष्टि और वज्रपात का अलर्ट, जानें अगले 48 घ... Election Results: बंगाल और असम में खिला 'कमल'; सीएम विष्णुदेव साय ने दी बधाई, बोले- 'निरंकुश सरकार स... Congress Protest: रसोई की महंगाई के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर; सिलेंडर की कीमतों को लेकर सरकार पर तीख... Balrampur News: सुशासन तिहार में सीएम साय का बड़ा ऐलान; छत्तीसगढ़ में जल्द होगा 'कर्मचारी चयन मंडल' ... Manendragarh News: जवानों की फिटनेस के लिए अनोखी पहल; जुंबा और एरोबिक्स में बच्चों-बुजुर्गों ने भी द... Placement Camp: बलौदाबाजार जिले के युवाओं के लिए बड़ी खबर, 186 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्... Social Work: बेसहारा लोगों का नया ठिकाना 'अपना घर सेवा आश्रम'; जहां अपमान नहीं, 'प्रभुजन' कहकर दिया ...
पंजाब

Punjab Farmer Protest: लाडोवाल टोल पर किसानों का कब्जा; अनिश्चितकाल के लिए टोल फ्री, भारी पुलिस बल तैनात

लुधियाना: लाडोवाल टोल प्लाजा आज पूरी तरह किसानों के आंदोलन का केंद्र बन गया, जहां आजाद किसान मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने एकजुट होकर 3 घंटे के लिए टोल प्लाजा को फ्री करवा दिया। सुबह से ही अलग-अलग इलाकों से किसान जत्थेबंदियां ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, गाड़ियों और झंडों के साथ टोल प्लाजा पर पहुंचनी शुरू हो गई थीं, जिसके बाद देखते ही देखते पूरा क्षेत्र किसानों के कब्जे में आ गया।

किसानों ने टोल बैरियर खोल दिए और वहां से गुजरने वाले सभी वाहनों को बिना किसी शुल्क के निकलने दिया। इस दौरान टोल प्लाजा पर “किसान एकता जिंदाबाद” और “सरकार होश में आओ” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन केवल एक टोल प्लाजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों के खिलाफ चल रहा एक बड़ा संघर्ष है। उनका आरोप है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे किसानों में भारी रोष है।

किसानों ने कहा कि,“किसान देश की रीढ़ की हड्डी है। अगर अन्नदाता ही दुखी और परेशान रहेगा तो देश की जनता का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा? हम दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरते हैं, लेकिन हमारी आवाज को लगातार दबाया जा रहा है।” टोल प्लाजा पर मौजूद किसानों ने यह भी कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अगर सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

इस दौरान कई किसान संगठनों की अलग-अलग जत्थेबंदियां अपने-अपने झंडों के साथ मौके पर पहुंचीं, जिससे प्रदर्शन और भी बड़ा रूप लेता नजर आया। किसानों का कहना है कि यह एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली, हालांकि हालात पर नजर बनाए रखी जा रही है। टोल प्लाजा के आसपास का माहौल पूरी तरह आंदोलनमय बना रहा, जबकि आम लोगों को बिना टोल दिए राहत जरूर मिली।

किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाएंगे, जिसमें प्रदेश के अन्य टोल प्लाजा और बड़े शहर भी शामिल हो सकते हैं। लद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का यह विशाल प्रदर्शन एक बार फिर संकेत दे रहा है कि किसान मुद्दे अभी भी सुलझे नहीं हैं। अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है, जो सरकार के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

Related Articles

Back to top button