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Cyber Security Guide: क्या है डार्क वेब और यह आपकी प्राइवेसी के लिए क्यों है खतरा? बचाव के 4 बड़े तरीके

Dark Web Kya Hai: डार्क वेब को इंटरनेट का एक ऐसा गुप्त कोना समझिए, जहां झांकने से बहुत से लोग डरते हैं. इसे आप Chrome या Safari से एक्सेस नहीं कर सकते क्योंकि इसके लिए कुछ खास टूल्स की जरूरत पड़ती है जैसे कि एक अलग ब्राउजर (Tor) जो आपकी पहचान और आपके ब्राउज करने की जगह को दुनिया से छिपाकर रखता है. यह Google या YouTube जैसा नहीं है, जिसे कोई भी आसानी से एक्सेस कर सके. यहां सब कुछ छिपा और एन्क्रिप्टेड होता है. उदाहरण के लिए, कुछ लोग अपनी प्राइवेसी के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल करते हैं तो वहीं दूसरी ओर बहुत से अपराधी भी संदिग्ध कामों को पूरा करने के लिए डार्क वेब चलाते हैं.

क्या आम लोगों के लिए ये समस्या है?

डार्क वेब किस तरह से लोगों पर असर डाल रहा है, इस बारे में कई अलग-अलग राय हैं. आइए आपको समझाते हैं कि यह किस तरह से आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा है:

गैर-कानूनी: डार्क वेब ब्लैक मार्केट से भरा हुआ है जहां लोग ड्रग्स, बंदूकें और यहां तक कि चोरी किया हुआ डेटा भी खरीदते और बेचते हैं. यह सब कुछ गुमनाम तरीके से होता है, जिसका मतलब है कि पुलिस के लिए यह पता लगाना बहुत मुश्किल होता है कि इस प्लेटफॉर्म पर होने वाले इन सौदों के पीछे कौन है.

डेटा लीक: इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आधार कार्ड नंबर, बैंक रिकॉर्ड, लॉगिन डिटेल्स और ऐसी ही अन्य निजी जानकारी कभी चोरी हो जाती है, तो वह डार्क वेब फोरम पर मिल सकती है. यह जालसाज़ों के लिए एक ‘सोने की खान’ जैसा है, जो इस डेटा का इस्तेमाल कर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं.

साइबरक्राइम सर्विस: डार्क वेब पर आप न केवल गैर-कानूनी चीजें खरीद सकते हैं, बल्कि कई लोग असल में गैर-कानूनी सर्विस भी देते हैं जैसे कि साइबर हमले करना, ईमेल अकाउंट हैक करना या धोखाधड़ी वाले अभियान चलाना. ऐसा क्रिप्टोकरेंसी की वजह से मुमकिन हुआ, जिसने गैर-कानूनी खरीद-बिक्री को आसान बना दिया और उसका पता लगाना मुश्किल कर दिया.

Dark Web है खतरनाक

  • डार्क वेब पर कोई Security Protocols नहीं हैं, यहां मौजूद ज्यादातर वेबसाइट्स वायरस, मैलवेयर, रैनसमवेयर और ट्रोजन से भरी होती हैं जो खतरनाक हो सकती हैं.
  • डार्क वेब पर कोई भी अपनी पहचान छिपा सकता है, इसलिए यहां किसी पर भी भरोसा करना बहुत रिस्की है.

खुद को ऐसे रखें सुरक्षित

  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें और गलती से किसी अनजान मैसेज और ईमेल में आए अटैचमेंट को न खोलें.
  • मजबूत, यूनिक पासवर्ड का इस्तेमाल करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सेटअप करें.
  • पर्सनल जानकारी प्राइवेट रखें.
  • बैंक और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट रेगुलर चेक करें.

क्या डार्क वेब है गैर-कानूनी?

डार्क वेब गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन वहां होने वाली बहुत सी गतिविधियां जरूर गैर-कानूनी हैं. ये कहना गलत नहीं होगा कि यह तेज़ी से साइबर अपराध और धोखाधड़ी का अड्डा बनता जा रहा है.

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