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Jharkhand Treasury Scam: ट्रेजरी घोटाले की जांच CBI को सौंपने की मांग, बाबूलाल मरांडी ने सीएम को लिखा पत्र

रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में सामने आए बड़े ट्रेजरी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो राज्य में बिहार के चारा घोटाले जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी। मरांडी ने कहा कि यह घोटाला सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी धन की सुनियोजित और संगठित लूट का एक गंभीर उदाहरण है।

⚖️ ईडी की एंट्री: मनी लाउंड्रिंग के पहलुओं पर शुरू होगी जांच

इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी हस्तक्षेप किया है। ईडी ईसीआईआर (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर पूरे मनी ट्रेल की जांच करेगी। रांची के कोतवाली थाने में सीआईडी द्वारा दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर ईडी यह जांच करेगी कि घोटाले के पैसे का निवेश कहां-कहां किया गया है। पीएमएलए के तहत अवैध तरीके से अर्जित चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

👮 वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल: प्रशस्ति पत्र देने का पत्र में जिक्र

बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में पूर्व डीजीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि गिरफ्तार आरोपी कौशल पांडे को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया था, जो इस ओर संकेत करता है कि आरोपियों को संस्थागत स्तर पर संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने दावा किया कि इस घोटाले की जड़ें नीचे से लेकर ऊपर के अधिकारियों तक फैली हुई हैं, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।

📊 घोटाले का क्रमवार विवरण: 130 करोड़ की अवैध निकासी का दावा

मरांडी ने पत्र में बताया कि अब तक राज्य के 14 जिलों में ट्रेजरी से अवैध निकासी की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें लगभग 130 करोड़ रुपये की लूट की बात सामने आ रही है। सबसे पहले बोकारो में एक सब-इंस्पेक्टर के वेतन मद से 3.45 करोड़ की फर्जी निकासी पकड़ी गई थी। इसके बाद हजारीबाग, चाईबासा और रांची में भी ऐसे ही मामले सामने आए। वर्तमान में सीआईडी की एसआईटी और आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली टीम अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।

📌 अब तक की बड़ी कार्रवाई: 13 आरोपियों की गिरफ्तारी और खातों पर रोक

ट्रेजरी घोटाले के मामले में अब तक की गई प्रमुख कार्रवाइयां इस प्रकार हैं:

  • 7 अप्रैल को मास्टरमाइंड अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय की गिरफ्तारी हुई।

  • हजारीबाग और बोकारो में पुलिस विभाग के खातों को फ्रीज किया गया।

  • सीआईडी ने सतीश कुमार और आरक्षी काजल मंडल सहित कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

  • पशुपालन और कृषि विभाग में भी फर्जी निकासी के मामले उजागर हुए हैं।

  • एसआईटी ने अब तक 10 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल का खुलासा किया है।

🛑 भविष्य की चेतावनी: “संस्थागत भ्रष्टाचार” पर लगाम लगाने की जरूरत

बाबूलाल मरांडी ने सीएम को याद दिलाया कि एक महीने पहले भी उन्होंने सीबीआई जांच का अनुरोध किया था, लेकिन ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 33 कोषागारों की जांच के आदेश के बावजूद जमीनी स्तर पर दोषियों के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं दिख रही है जैसी अपेक्षित है। विपक्षी दल ने सरकार को आगाह किया है कि अगर दोषियों को बचाया गया तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था और जनता के भरोसे के साथ बड़ा विश्वासघात होगा।

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