झारखंड न्यूज़: नीट परीक्षा धांधली पर भड़का झामुमो, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन

रामगढ़: नीट पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, बेलगाम महंगाई और प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के विरोध में झामुमो ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और नीट परीक्षा में हुई धांधली से लाखों छात्रों का विश्वास डगमगा गया है।
💸 कमरतोड़ महंगाई और ईंधन संकट: घरेलू बजट प्रभावित होने पर जताई चिंता
झामुमो केंद्रीय कमेटी के सदस्य चित्रगुप्त महतो ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। वहीं, सोनाराम मांझी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों के दामों पर पड़ रहा है। उन्होंने ईंधन की कीमतों में तत्काल राहत देने और नीट मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🔥 गिरिडीह में छात्र मोर्चा की रैली: शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की उठी मांग
गिरिडीह में भी झामुमो और छात्र मोर्चा द्वारा रैली निकाली गई। जिलाध्यक्ष संजय सिंह और अखिलेश महतो ने कहा कि बच्चे दिन-रात मेहनत करते हैं और परिणाम में उन्हें प्रश्न पत्र लीक मिलता है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर अध्यक्ष रॉकी सिंह ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अब तक बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था। नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछली बार की तरह इस बार भी केंद्र सरकार की संलिप्तता के कारण ही ऐसी गड़बड़ियां हुई हैं।
🎓 पाकुड़ में छात्रों का फूटा गुस्सा: ‘गरीब छात्रों के सपनों के साथ हुआ खिलवाड़’
पाकुड़ जिला मुख्यालय के रविंद्र चौक पर भी झामुमो छात्र संगठन ने जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष दासो मुर्मू ने कहा कि वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा के समय पेपर लीक होना छात्रों के भविष्य के साथ क्रूर मजाक है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी उन गरीब छात्रों को हुई है जिन्होंने बड़ी मुश्किल से पढ़ाई का खर्च जुटाया था। छात्र संगठन ने केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।
⚖️ भविष्य की सुरक्षा की मांग: “कानून का शासन केवल कागजों तक सीमित नहीं रह सकता”
सभी प्रदर्शनकारी नेताओं ने एक सुर में कहा कि जब तक नीट पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और महंगाई पर नियंत्रण पाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संकल्प लिया है कि वे छात्रों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ते रहेंगे।






