Latehar News: लातेहार में आसमानी बिजली का कहर, वज्रपात से दो की मौत, एक महिला गंभीर रूप से घायल

लातेहार: जिले में मूसलाधार बारिश के साथ हुए वज्रपात (आकाशीय बिजली) ने दो घरों के चिराग बुझा दिए। इस दुखद हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। घायल महिला को तत्काल लातेहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। शुक्रवार दोपहर बाद हुए इस हादसे से जिले के पांडेयपुर और कुई गांव में मातम पसर गया है।
⚡ घर में बैठे दंपत्ति पर गिरी बिजली: नरेंद्र उरांव की मौत, पत्नी अस्पताल में भर्ती
वज्रपात की पहली घटना लातेहार सदर प्रखंड के पांडेयपुर पंचायत अंतर्गत रेहल गांव में घटी। पंचायत के मुखिया संजय उरांव ने बताया कि बारिश के दौरान नरेंद्र उरांव और उनकी पत्नी अपने घर के भीतर ही थे, तभी अचानक जोरदार बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने नरेंद्र उरांव को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी का इलाज वर्तमान में आईसीयू वार्ड में चल रहा है।
💼 मनिका में दूसरी घटना: लैंपस प्रबंधक चंदन यादव ने तोड़ा दम
वज्रपात की दूसरी हृदयविदारक घटना मनिका प्रखंड के कुई गांव में हुई। यहाँ वज्रपात की चपेट में आने से लैंपस प्रबंधक चंदन यादव की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने न केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी की, बल्कि शोक संतप्त परिवार को व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
📜 मुआवजे का प्रावधान: मृतक के परिजनों को मिलेंगे 4 लाख रुपये
लातेहार अपर समाहर्ता रामा रविदास ने घटना पर शोक जताते हुए बताया कि किसी भी प्राकृतिक आपदा या वज्रपात से मृत्यु होने पर सरकार की ओर से 4 लाख रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतक के परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा। जांच और सत्यापन के बाद आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा यह राशि सीधे परिजनों के खाते में भेजी जाएगी।
📢 प्रशासन की अपील: खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहें लोग
लातेहार पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे या कच्चे मकानों के खुले हिस्सों में न रहें। वज्रपात की स्थिति में पक्के मकानों के अंदर रहना सबसे सुरक्षित है। थाना प्रभारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस संबंध में जागरूकता फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को कम किया जा सके।






