Abhishek Banerjee Attack Case: टीएमसी सांसद पर हमले के मामले में 5 गिरफ्तार; बीजेपी पर लगा साजिश का आरोप

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तपन मैती और आकाश नाम के दो युवक शामिल हैं, जो घटना के वीडियो में स्पष्ट देखे गए थे। यह हमला तब हुआ जब अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे।
🏟️ हेलमेट पहनकर बचानी पड़ी जान
अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने अंडे और पत्थर फेंके और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में उनकी शर्ट फट गई और चश्मा टूट गया। सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। हेलमेट पहने होने के कारण अभिषेक का सिर गंभीर चोट से बाल-बाल बच गया। अभिषेक ने इस हमले को पूरी तरह ‘बीजेपी प्रायोजित’ बताया और इसे लोकतंत्र पर काला धब्बा करार दिया।
🏥 ममता बनर्जी के गंभीर आरोप
घटना के बाद ममता बनर्जी ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर अभिषेक का इलाज प्रभावित करने के लिए शक्तिशाली लोगों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के एक प्रशासक को धमकी भरे फोन कॉल आए हैं और पुलिस द्वारा डॉक्टरों को परेशान किया जा रहा है ताकि सही इलाज न मिल सके।
🗣️ ‘यह जन आक्रोश का नतीजा है’
दूसरी ओर, बीजेपी नेता दिलीप घोष ने हिंसा की निंदा करते हुए इसे ‘जनता का गुस्सा’ करार दिया है। उन्होंने कहा, “पिछले 15 वर्षों से जनता जिस उत्पीड़न को झेल रही है, उसका आक्रोश कहीं न कहीं तो निकलना ही था।” उन्होंने अभिषेक बनर्जी के दौरे को ‘हीरो बनने की कोशिश’ बताते हुए कहा कि ऐसे माहौल में इतने बड़े काफिले के साथ जाना तनाव को बढ़ावा देने जैसा था।
⚖️ सियासी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला
जहाँ एक तरफ टीएमसी इसे बीजेपी की सुनियोजित साजिश मान रही है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी सांसद सौमित्र खान जैसे नेताओं ने तीखे बयान देते हुए अभिषेक बनर्जी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने बंगाल की चुनावी हिंसा के बाद के माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
संपादकीय टिप्पणी: राजनीति में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। क्या आपको लगता है कि नेताओं के दौरे के समय सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।






